
चीनी की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर दबाव कम करने के उद्देश्य से सरकार ने एथनॉल उत्पादन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। जारी जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर 2026 से 31 अक्टूबर 2027 तक चीनी, गन्ने के रस, शुगर सिरप और B-Heavy मोलासेस से बनने वाले एथनॉल की तेल कंपनियां खरीद नहीं करेंगी।
इस फैसले का उद्देश्य घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना है, ताकि आपूर्ति की स्थिति बेहतर बनी रहे और कीमतों पर दबाव कम करने में मदद मिल सके।
हालांकि, एथनॉल उत्पादन के लिए वैकल्पिक स्रोतों का इस्तेमाल जारी रह सकेगा। मक्का, चावल और C-Heavy मोलासेस से उत्पादित एथनॉल की खरीद का रास्ता खुला रहेगा। इससे एथनॉल आपूर्ति के लिए अलग-अलग फीडस्टॉक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिल सकता है।
वहीं, एथनॉल उद्योग से जुड़े संगठन AIDA ने ESY 2026-27 के एथनॉल टेंडर में सरकार के संतुलित रुख का स्वागत किया है। संगठन ने सभी फीडस्टॉक से एथनॉल उत्पादन को लगातार समर्थन देने की मांग भी उठाई है।
अब इस फैसले के लागू होने के बाद चीनी उद्योग, गन्ना उत्पादकों और एथनॉल निर्माताओं पर इसके संभावित प्रभाव पर नजर रहेगी।