
श्रुति भारद्वाज के कार्यकाल के दौरान उनके काम को लेकर कोई बड़ी चर्चा सामने नहीं आई, लेकिन सेवा समाप्ति के बाद उन्हें काम मिलने लगा तो अब नियम-कायदे और प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि उनके काम या जिम्मेदारियों को लेकर नियमों की समीक्षा जरूरी थी, तो इसकी जांच या पड़ताल पहले क्यों नहीं की गई? अब अचानक नियमों की किताब खंगाले जाने के पीछे वजह क्या है, इसे लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। गृह विभाग को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं और मांग की जा रही है कि नियमों की समीक्षा की जा रही है तो उसकी प्रक्रिया और आधार भी स्पष्ट किए जाएं। मामला अब सिर्फ नियमों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी सामने है कि नियमों को लेकर कार्रवाई या समीक्षा का समय अब क्यों आया और पहले इस दिशा में क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी। ऐसे में पूरे मामले में संबंधित विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने का इंतजार है।