दिल्ली हाईकोर्ट के सामने दाखिल सरकारी अस्पतालों की रिपोर्टों से मेडिकल मशीनों के इस्तेमाल को लेकर बड़ी तस्वीर सामने आई है। हाईकोर्ट के 3 जुलाई 2026 के आदेश के बाद दिल्ली के सरकारी अस्पतालों ने अपनी मशीनों और उपकरणों का हिसाब देना शुरू किया। इस मामले में कुल 26 अलग अलग Annexure लगाए गए हैं,

जिनमें कई अस्पतालों की रिपोर्ट शामिल है। रिपोर्टों से पता चलता है कि हर अस्पताल में मशीनें बेकार नहीं पड़ी हैं, लेकिन कई जगह महंगे उपकरण इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं। इसके पीछे कहीं डॉक्टर और तकनीकी स्टाफ की कमी है, तो कहीं मशीन खराब है, मरम्मत या जरूरी सामान नहीं मिलने के कारण काम नहीं कर रही है। कुछ उपकरण कोरोना के समय बड़ी संख्या में खरीदे या दान में मिले थे, लेकिन कोरोना का असर कम होने के बाद उनका इस्तेमाल घट गया।