जयपुर / नई दिल्ली। राजस्थान में आगामी पंचायतीराज और निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसने टिकट के दावेदारों की टेंशन बढ़ा दी है।
कांग्रेस की नई गाइडलाइन के अनुसार अब कोई भी नेता या कार्यकर्ता केवल अपने गृह वार्ड / अपनी ग्राम पंचायत से ही चुनाव लड़ सकेगा। दूसरे वार्ड या दूसरी पंचायत से चुनाव लड़ने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
गाइडलाइन के मुख्य बिंदु –
- अपने वार्ड से ही चुनाव – दावेदार को उसी वार्ड का मतदाता होना अनिवार्य है।
- पैराशूट उम्मीदवारों पर रोक – बाहरी वार्ड से चुनाव लड़ने की परंपरा खत्म।
- स्थानीय कार्यकर्ता को मौका – जो वर्षों से वार्ड में सक्रिय है, उसी को प्राथमिकता मिलेगी।
- सर्वे होगा आधार – वार्ड में जनाधार और सक्रियता के आधार पर ही टिकट फाइनल होगा।
दावेदारों में हड़कंप –
इस गाइडलाइन के बाद कई दिग्गज दावेदारों के समीकरण बिगड़ गए हैं। जो नेता अभी तक 2-3 वार्डों में अपनी दावेदारी जता रहे थे, अब उन्हें केवल अपने वार्ड तक सीमित रहना पड़ेगा। कई जगह वार्ड बदलने की तैयारी कर रहे नेताओं को झटका लगा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार यह फैसला राहुल गांधी के “स्थानीय कार्यकर्ता को मजबूत करो” के मंत्र पर लिया गया है, ताकि जमीनी कार्यकर्ता को सम्मान मिल सके।