प्रदेश की सभी प्रक्रियाधीन भर्तियों और चतुर्थ श्रेणी भर्ती में वेटिंग लिस्ट के नए नियम को लागू करने को लेकर युवा लगातार सवाल पूछ रहे हैं। इसको लेकर स्थिति अब साफ हो गई है कि आचार संहिता लगने के कारण अगले 2 से 3 महीने तक इस नियम को लेकर न तो कोई चर्चा हो सकती है और न ही इसे लागू किया जा सकता है। जानकारी के अनुसार सरकार लंबे समय से इस मामले में कानूनी राय लेने की बात कह रही थी, लेकिन अंतिम फैसला नहीं लिया गया।
अब एकमात्र विकल्प यही बचा है कि सरकार चुनाव आयोग से आग्रह करे, उसके बाद ही नया वेटिंग लिस्ट नियम सभी प्रक्रियाधीन भर्तियों में लागू हो सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार को यह नियम लागू ही करना था तो उसे चुनाव से पहले करना चाहिए था। इससे सरकार को पंचायती और निकाय चुनाव में सियासी फायदा मिलता, साथ ही बेरोजगार युवाओं को भी लाभ होता। इस फैसले के लिए किसी कैबिनेट बैठक या वित्तीय मंजूरी की भी जरूरत नहीं थी, सिर्फ एक आदेश जारी करना था, लेकिन सरकार ने फैसला लेने में देरी की।फिलहाल स्थिति यह है कि आचार संहिता के चलते सरकार इस नियम को अपने स्तर पर लागू नहीं कर सकती, सिर्फ चुनाव आयोग की अनुमति के बाद ही इसे लागू किया जा सकेगा.!