ग्लोबल मार्केट में कदम बढ़ाएगा Jio, स्वदेशी टेलीकॉम टेक्नोलॉजी को दुनिया तक पहुंचाने की तैयारी
भारत में 53.3 करोड़ से अधिक ग्राहकों को सेवाएं देने वाला रिलायंस जियो अब अंतरराष्ट्रीय टेलीकॉम बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य अपनी स्वदेशी एंड-टू-एंड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी को विकसित और विकासशील देशों के टेलीकॉम ऑपरेटरों तक पहुंचाना है। जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन आकाश अंबानी के मुताबिक, कंपनी इस विस्तार के लिए स्थानीय कंपनियों के साथ साझेदारी और ‘मैनेज्ड सर्विसेज’ मॉडल पर काम करना चाहती है। इस रणनीति के तहत जियो दूसरे देशों में भारी निवेश करके पूरा नेटवर्क खड़ा करने के बजाय स्थानीय भागीदारों के साथ मिलकर अपनी तकनीक और सेवाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दे सकता है। इस पहल का उद्देश्य भारतीय टेलीकॉम तकनीक को वैश्विक पहचान दिलाना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कंपनी के कारोबार का विस्तार करना है। यदि योजना सफल रहती है, तो इससे जियो को नए बाजारों में अवसर मिल सकते हैं और भारतीय तकनीकी समाधानों की वैश्विक मौजूदगी बढ़ सकती है।
कोटा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, कोटड़ी नहर में डूबे 4 युवक; तलाश में जुटी गोताखोर टीम
राजस्थान के कोटा से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। कोटड़ी नहर में विसर्जन के दौरान चार युवकों के डूबने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे की सूचना मिलते ही गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और नहर में युवकों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम नहर में तलाशी अभियान चलाकर युवकों का पता लगाने में जुटी है। धार्मिक आयोजन के दौरान हुए इस हादसे से लोगों में चिंता का माहौल है। फिलहाल, युवकों की स्थिति और हादसे से जुड़ी अन्य जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। अपील: प्रतिमा विसर्जन के दौरान गहरे पानी और तेज बहाव वाली जगहों से दूर रहें तथा प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था का पालन करें।
अक्षय कुमार बोले—‘हॉरर और कॉमेडी का मेल बहुत दिलचस्प’, ‘भूत बंगला’ में मिलेगा डर और हंसी का डबल डोज
बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार का कहना है कि हॉरर और कॉमेडी का मेल बेहद दिलचस्प होता है, क्योंकि इसमें दर्शकों को एक ही समय पर डर और हंसी का अलग-अलग अनुभव मिलता है। अपनी फिल्म ‘भूत बंगला’ के वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर के मौके पर अक्षय कुमार ने फैंटेसी फिल्मों की कहानियों, हॉरर-कॉमेडी के मनोरंजन और कॉमेडी में टाइमिंग की अहमियत पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि किसी भी फैंटेसी कहानी में कल्पना के साथ-साथ उसके पीछे कोई ठोस वजह और तर्क होना जरूरी है, ताकि दर्शक कहानी और किरदारों से जुड़ सकें। जिस तरह कॉमिक बुक्स में किसी किरदार की ताकत या उसके रूप में बदलाव के पीछे कोई कारण होता है, उसी तरह काल्पनिक दुनिया में दिखाई जाने वाली असाधारण घटनाओं और किरदारों की भी अपनी वजह होनी चाहिए। हॉरर-कॉमेडी की खासियत बताते हुए अक्षय ने कहा कि जब दर्शक किसी डरावने दृश्य को देखते हैं, तो उनके मन में तनाव और उत्सुकता पैदा होती है कि आगे क्या होने वाला है, लेकिन तभी अचानक कोई मजेदार पल सामने आता है और पूरा माहौल बदल जाता है। यही डर और हंसी का उतार-चढ़ाव इस शैली की फिल्मों को मनोरंजक बनाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कॉमेडी को जबरदस्ती कहानी में शामिल नहीं किया जा सकता, बल्कि वह परिस्थितियों और किरदारों की स्वाभाविक प्रतिक्रियाओं से निकलनी चाहिए। अपने अभिनय के अनुभव साझा करते हुए अक्षय ने बताया कि कॉमेडी में सही समय पर सही प्रतिक्रिया देना, आसपास की छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना और चेहरे के हावभाव का सटीक इस्तेमाल करना बेहद महत्वपूर्ण है। कई बार चेहरे का एक साधारण भाव या कुछ पल का ठहराव लंबे संवाद से भी ज्यादा हंसी पैदा कर सकता है। उनके अनुसार, कलाकार को अपने किरदार की परिस्थिति को पूरी गंभीरता से निभाना होता है, भले ही दर्शक उस दृश्य पर हंस रहे हों। ‘भूत बंगला’ में भी इसी सहजता के जरिए दर्शकों को कभी डराने और कभी हंसाने की कोशिश की गई है। अक्षय कुमार ने उम्मीद जताई कि फिल्म का टेलीविजन प्रीमियर दर्शकों और परिवारों को घर बैठे मनोरंजन का मौका देगा, जहां वे हॉरर, कॉमेडी और अप्रत्याशित घटनाओं से भरपूर इस अनुभव का आनंद ले सकेंगे।
ईरान से बढ़ते खतरे के बीच अमेरिका अलर्ट, मिडिल ईस्ट के 11 देशों में नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
अमेरिका ने पश्चिम एशिया में बढ़ते सुरक्षा तनाव के बीच अपने नागरिकों के लिए 11 देशों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। 18-19 अक्टूबर 2026 को जारी चेतावनियों में संभावित हमलों, हवाई क्षेत्र बंद होने, उड़ानें रद्द होने और यात्रा में बाधा आने की आशंका जताई गई है। अमेरिकी चेतावनी इजरायल, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, बहरीन, कुवैत, इराक, जॉर्डन, लेबनान, ओमान, यमन और ईरान से जुड़े क्षेत्रों में लागू है। अमेरिकी मिशनों ने नागरिकों को सतर्क रहने, स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और यात्रा से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका को ईरान और उसके समर्थक समूहों से अमेरिकी हितों को निशाना बनाए जाने का खतरा है। इसके साथ ही यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों और सऊदी अरब में सुरक्षा स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई है। अमेरिकी चेतावनी में क्षेत्रीय संघर्ष के तेजी से फैलने की आशंका का उल्लेख किया गया है। हालांकि, सुरक्षा अलर्ट जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि किसी बड़े सैन्य हमले की पुष्टि हो गई है। फिलहाल अमेरिका ने संभावित खतरे को देखते हुए अपने नागरिकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और अचानक होने वाले यात्रा बदलावों के लिए तैयार रहने को कहा है।
राजस्थान हाईकोर्ट का पंचायत चुनाव पर बड़ा फैसला, मतदाता सूची में हस्तक्षेप से इनकार; याचिका खारिज
हाईकोर्ट ने राजस्थान पंचायत राज चुनाव से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण आदेश देते हुए चुनाव की घोषणा के बाद मतदाता सूची में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की बेंच ने मनोज कुमार गोदारा सहित अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका खारिज कर दी। मामला ग्राम पंचायत मोतीनगरी के वार्ड संख्या दो की मतदाता सूची से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाने संबंधी प्रशासनिक आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान चुनाव प्रक्रिया में न्यायिक हस्तक्षेप की संवैधानिक सीमाओं का मुद्दा सामने आया। हाईकोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 243-O का उल्लेख करते हुए पंचायत चुनावों से संबंधित मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप पर लागू संवैधानिक रोक के महत्व पर जोर दिया। इस आदेश के साथ अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद उससे जुड़े मामलों में संवैधानिक प्रावधानों का ध्यान रखना आवश्यक है। हालांकि, मामले के विस्तृत आदेश और उसमें दर्ज कानूनी टिप्पणियों के आधार पर ही फैसले के दायरे को पूरी तरह समझा जा सकेगा। पंचायत राज चुनाव से जुड़े इस फैसले को चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची संबंधी विवादों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चीनी की किल्लत के बीच सरकार का बड़ा फैसला, 2026-27 में चीनी से एथनॉल बनाने पर रहेगी रोक
चीनी की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर दबाव कम करने के उद्देश्य से सरकार ने एथनॉल उत्पादन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। जारी जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर 2026 से 31 अक्टूबर 2027 तक चीनी, गन्ने के रस, शुगर सिरप और B-Heavy मोलासेस से बनने वाले एथनॉल की तेल कंपनियां खरीद नहीं करेंगी। इस फैसले का उद्देश्य घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना है, ताकि आपूर्ति की स्थिति बेहतर बनी रहे और कीमतों पर दबाव कम करने में मदद मिल सके। हालांकि, एथनॉल उत्पादन के लिए वैकल्पिक स्रोतों का इस्तेमाल जारी रह सकेगा। मक्का, चावल और C-Heavy मोलासेस से उत्पादित एथनॉल की खरीद का रास्ता खुला रहेगा। इससे एथनॉल आपूर्ति के लिए अलग-अलग फीडस्टॉक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिल सकता है। वहीं, एथनॉल उद्योग से जुड़े संगठन AIDA ने ESY 2026-27 के एथनॉल टेंडर में सरकार के संतुलित रुख का स्वागत किया है। संगठन ने सभी फीडस्टॉक से एथनॉल उत्पादन को लगातार समर्थन देने की मांग भी उठाई है। अब इस फैसले के लागू होने के बाद चीनी उद्योग, गन्ना उत्पादकों और एथनॉल निर्माताओं पर इसके संभावित प्रभाव पर नजर रहेगी।
नवरात्रि में तीन बड़े हादसों से मचा कोहराम, कोलकाता, ग्वालियर और तेलंगाना में 35 लोगों की मौत का दावा
नवरात्रि के पावन पर्व के बीच कोलकाता, ग्वालियर और तेलंगाना से दर्दनाक हादसों की खबर सामने आई है। इन घटनाओं ने उत्सव के माहौल को मातम में बदल दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तीनों घटनाओं में कुल 35 लोगों की मौत होने का दावा किया गया है। कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की जान जाने की बात कही गई है। वहीं, ग्वालियर में श्रद्धालुओं को एक ट्रक ने कुचल दिया, जिससे दर्दनाक हादसा हुआ। इसके अलावा, तेलंगाना में डांडिया कार्यक्रम के दौरान लाइटिंग ट्रस गिरने से एक छात्रा की मौत की खबर है। नवरात्रि के दौरान धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और अस्थायी ढांचों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
यूपी में अखिलेश यादव की बढ़ेंगी मुश्किलें? मुस्लिम वोट बैंक पर ओवैसी की नजर, सपा पर लगाए गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम वोट बैंक को लेकर सियासी हलचल तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी अब यूपी में मुस्लिम बहुल इलाकों में जनसंपर्क और सभाओं के जरिए अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके निशाने पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव हैं। ओवैसी का आरोप है कि समाजवादी पार्टी को मुसलमानों के वोट तो चाहिए, लेकिन उनकी समस्याओं और परेशानियों से उसे कोई खास मतलब नहीं है। वह दावा कर रहे हैं कि जब मुस्लिम युवाओं को जेल भेजा जाता है, तब अखिलेश यादव आवाज नहीं उठाते, जबकि यादव समुदाय से जुड़े किसी व्यक्ति के जेल जाने पर सपा सक्रिय हो जाती है। ओवैसी के इन बयानों को यूपी में मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी लंबे समय से यादव और मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन को अपनी चुनावी ताकत मानती रही है। ऐसे में एआईएमआईएम की सक्रियता विपक्षी गठबंधन के लिए नई राजनीतिक चुनौती बन सकती है। हालांकि, ओवैसी के आरोपों और उनके राजनीतिक प्रभाव का वास्तविक असर आगामी चुनावों में ही स्पष्ट होगा। फिलहाल यूपी की सियासत में मुस्लिम वोट बैंक को लेकर बयानबाजी तेज होने के आसार हैं और सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि मुस्लिम मतदाताओं का रुझान किस ओर जाता है।
किसान आंदोलन में उबाल: बिरधवाल हेड की ओर महाकूच, भारी पुलिस बल तैनात
किसान आंदोलन ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। बिरधवाल हेड की ओर किसानों के महाकूच के बीच हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। किसानों का काफिला पुलिस का पहला नाका तोड़कर आगे बढ़ा। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और बसों के जरिए बड़ी संख्या में किसान आंदोलन में शामिल होने पहुंचे। पुलिस ने बिरधवाल हेड से करीब 30 किलोमीटर पहले किसानों के काफिले को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। पुलिस द्वारा रास्ते में रोके जाने के बाद सैकड़ों किसानों ने अपने वाहन छोड़ दिए और पैदल ही बिरधवाल हेड की ओर कूच करना शुरू कर दिया। किसानों के इस कदम से मौके पर हलचल बढ़ गई। आंदोलन में शामिल किसान आगे बढ़ने पर अड़े रहे, जबकि पुलिस प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा रहा। गोपालसर के पास किसान और पुलिस आमने-सामने आ गए। यहां तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। किसानों के लगातार आगे बढ़ने और पुलिस की तैनाती के बीच प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। अनूपगढ़ के सीओ जयप्रकाश बेनीवाल के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसानों के कूच के चलते माइलेटी से बिरधवाल हेड तक सड़क मार्ग अवरुद्ध होने की जानकारी सामने आई है। इससे इस मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। मौके की स्थिति को देखते हुए लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। किसानों के महाकूच के बाद अब सबकी निगाहें बिरधवाल हेड पर टिकी हैं। आंदोलन आगे क्या रुख लेगा और प्रशासन किसानों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य कर पाएगा या नहीं, इस पर नजर बनी हुई है। फिलहाल प्राथमिकता मौके पर शांति बनाए रखने और यातायात व्यवस्था बहाल करने की है।
राजस्थान RGHS: 2 हजार से महंगी जांचों के खर्च में 80.6% की गिरावट
राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में 2,000 रुपए से अधिक की जांचों के लिए प्री-अप्रूवल व्यवस्था लागू होने के बाद खर्च में बड़ी कमी दर्ज होने का दावा किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, महंगी जांचों पर होने वाला खर्च 50.03 करोड़ रुपए से घटकर 9.70 करोड़ रुपए रह गया। इसके साथ ही ऐसी जांचों से जुड़े ट्रांजेक्शन में भी 79 प्रतिशत की गिरावट बताई गई है। RGHS के तहत महंगी जांचों के लिए पूर्व अनुमति यानी प्री-अप्रूवल की व्यवस्था का उद्देश्य जांचों पर होने वाले खर्च की निगरानी करना है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस व्यवस्था के बाद संबंधित जांचों पर खर्च में 80.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। खर्च में आई यह गिरावट योजना के तहत चिकित्सा जांचों के भुगतान और स्वीकृति प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, 2,000 रुपए से अधिक की जांचों से जुड़े ट्रांजेक्शन में भी करीब 79 प्रतिशत की कमी आई है। प्री-अप्रूवल के तहत ऐसी जांचों के लिए पहले अनुमति की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इससे जांचों की स्वीकृति और खर्च की निगरानी की व्यवस्था मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य अनावश्यक जांचों और खर्च पर नियंत्रण रखना है। हालांकि, इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन करने के लिए यह देखना भी जरूरी होगा कि मरीजों को जरूरी जांच समय पर मिल रही हैं या नहीं और प्री-अप्रूवल के कारण उपचार में किसी तरह की देरी तो नहीं हो रही। RGHS राजस्थान में पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में खर्च पर नियंत्रण के साथ-साथ मरीजों को समय पर और सुचारु उपचार उपलब्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण रहेगा।