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राठौड़ की पहल से खड़गे तक पहुंचे अजमेर के पार्षद,खड़गे ने अपने हाथों से खिलाई मिठाई

राजस्थान की सियासत में अनोखा सियासी संदेश—कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से सीधे पार्षदों की मुलाकात, अब सोमवार को ‘मिठाई की लाज’ रखने की चुनौती अजमेर। अजमेर नगर निगम के महापौर चुनाव से पहले कांग्रेस की सियासत में धर्मेंद्र राठौड की एक पहल ने नया राजनीतिक संदेश पैदा कर दिया है। राठौर कांग्रेस के पार्षदों और कांग्रेस के साथ खड़े निर्दलीय पार्षदों को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से सीधे मिलवाने में कामयाब रहे। मुलाकात के दौरान खड़गे ने पार्षदों को अपने हाथों से मिठाई खिलाई। अजमेर की सियासत में इस मुलाकात को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि राजनीतिक गलियारों में इसे ऐसे दुर्लभ अवसर के तौर पर देखा जा रहा है, जब अजमेर अथवा राजस्थान के निर्वाचित पार्षदों का दल सीधे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिला हो। इस मुलाकात को संभव कराने में धर्मेंद्र राठौड की भूमिका को लेकर कांग्रेस के भीतर खासा राजनीतिक चर्चा है। राठौड ने पार्षदों को खड़गे के दरबार तक पहुंचाया, खड़गे ने खिलाई मिठाई अजमेर नगर निगम के महापौर चुनाव में कांग्रेस के पास 37 पार्षद हैं। इसके अलावा कांग्रेस खेमे में निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का भी दावा किया जा रहा है। ऐसे समय में राठौर द्वारा पार्षदों को एकजुट रखते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने पेश करना अपने आप में एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। खड़गे के हाथ से मिठाई खाते कांग्रेस पार्षदों की तस्वीर अब अजमेर की राजनीतिक चर्चा में सबसे ज्यादा चर्चित तस्वीरों में शामिल हो गई है। अब सियासी सवाल यह है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के हाथ से खाई गई मिठाई की ‘लाज’ कांग्रेस के पार्षद सोमवार की वोटिंग में कितनी मजबूती से रखते हैं? बेंगलुरु से खड़गे तक—राठौर की रणनीति की अगली परीक्षा सोमवार को राठौर इससे पहले भी कांग्रेस पार्षदों और निर्दलीय पार्षदों को एकजुट रखने की कवायद के तहत उन्हें बेंगलुरु ले जाने की रणनीति अपना चुके हैं। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात और उनके हाथ से मिठाई खिलवाने के बाद कांग्रेस खेमे ने एकजुटता का सार्वजनिक संदेश भी दे दिया है। लेकिन अजमेर की राजनीति में असली परीक्षा अब सोमवार के मतदान में होगी। कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने पार्षदों को एकजुट रखने की है। दूसरी ओर भाजपा भी निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के जरिए बहुमत का आंकड़ा हासिल करने की कोशिश में है। ऐसे में 11 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका और दोनों खेमों की रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं। मिठाई की मिठास वोटिंग तक कायम रहती है या नहीं? राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा यही है कि धर्मेंद्र राठौर ने पार्षदों को राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तक पहुंचाकर जो राजनीतिक संदेश दिया है, उसका असर मतदान तक कितना कायम रहता है। खड़गे के हाथों से मिली मिठाई कांग्रेस के पार्षदों के लिए अब सिर्फ मिठास नहीं, बल्कि एक राजनीतिक ‘लाज’ का सवाल भी बन गई है। यदि कांग्रेस का खेमा पूरी तरह एकजुट रहता है तो यह मुलाकात राठौर की राजनीतिक रणनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखी जाएगी। वहीं यदि मतदान के दौरान गुटबाजी या क्रॉस वोटिंग जैसी स्थिति सामने आती है तो यही मुलाकात कांग्रेस के भीतर उठने वाले सवालों का कारण भी बन सकती है। अब अजमेर की सियासत में नजरें सोमवार की वोटिंग पर हैं—राठौर की बनाई एकजुटता कायम रहती है या अजमेर की पुरानी गुटीय सियासत फिर कोई नया मोड़ लेती है, इसका फैसला मतपेटी करेगी।

जयपुर: जोधपुर में वोटिंग के दौरान पथराव, कांग्रेस-बीजेपी समर्थक भिड़े, पुलिसकर्मी चोटिल

जयपुर: जोधपुर। नगर निगम चुनाव के दौरान जोधपुर के वार्ड 10 और 21 में मतदान के बीच उस समय हंगामा हो गया, जब कांग्रेस और भाजपा समर्थक आमने-सामने आ गए। वार्ड 10 के पाल बालाजी मंदिर के सामने दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि पथराव शुरू हो गया। इस दौरान एक भाजपा समर्थक की बोलेरो कैंपर में तोड़फोड़ की गई और उसके शीशे पत्थर मारकर फोड़ दिए गए। विवाद को शांत कराने पहुंची पुलिस के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। घटना में एक-दो पुलिस जवानों के चोट लगने की सूचना है। वहीं वार्ड 21 के खेमें का कुआं स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के बायां भाग मतदान केंद्र के बाहर फर्जी मतदान को लेकर हंगामा हो गया। आरोप है कि कुछ युवक स्कूल की ड्रेस पहनकर अंदर घुस गए, जिसे लेकर कांग्रेस और भाजपा समर्थक आमने-सामने आ गए। विवाद की सूचना पर पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता मौके पर पहुंचा और सभी समर्थकों को वहां से खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया। कैंपर गाड़ी में पथराव: दूसरी तरफ वार्ड 10 में पाल बालाजी मंदिर के सामने मतदान चल रहा था। इसी दौरान कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि कांग्रेस समर्थकों की ओर से भाजपा समर्थक की बोलेरो कैंपर को निशाना बनाया गया। वाहन पर पथराव करते हुए उसके कांच तोड़ दिए गए। पुलिस के जवान हुए घायल: अचानक हुए बवाल से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मतदान केंद्र के आसपास मौजूद लोगों में भी हड़कंप मच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को समझाने और अलग करने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की हो गई। बताया जा रहा है कि विवाद में बीच-बचाव करने पहुंचे एक-दो पुलिस जवानों को चोटें आई हैं। भारी पुलिस जाब्ता तैनात: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल अतिरिक्त जाब्ता मौके पर बुलाया। भारी पुलिस बल के पहुंचने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जवानों ने सख्ती दिखाई। पुलिस ने डंडे पटककर दोनों पक्षों के समर्थकों को मौके से खदेड़ा। इसके बाद क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई। डीसीपी मौके पर पहुंचे: घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने भी मौके का जायजा लिया। डीसीपी कमल शेखावत सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और जवान क्षेत्र में राउंड लेते रहे। पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है, ताकि दोबारा किसी तरह का विवाद न हो। पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है और विवाद की वास्तविक वजह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

जयपुर: राजस्थान लंपी स्किन डिजीज पर एक्शन में सरकार!

▪️पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीतारामजी भाले की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक। 🔹 प्रदेश के 10 जिले (मुख्यतः पूर्वी राजस्थान) लंपी से प्रभावित; सक्रिय मामले लगातार कम, अब तक 16 पशुओं की मौत।🔹 अप्रभावित जिलों पर विशेष फोकस, संक्रमण रोकने के सख्त निर्देश।🔹 घर-घर जाकर बीमार पशुओं के सर्वेक्षण के आदेश।🔹 पशु मेलों और पशु हाटों पर लगा प्रतिबंध, आवागमन पर रोक। 🔹 जिला/राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम और क्विक रिस्पॉन्स टीमें (QRT) गठित। 🔸पशुपालकों से अपील: लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें!

जयपुर : आज 12 जिलों में बारिश का अलर्ट,2-बांधों के गेट खोले:जयपुर सहित कई जिलों में 2 इंच तक बरसात; जानें- आगे कैसा रहेगा मौसम

राजस्थान में मानसून फिर से एक्टिव हो गया है। आज भी 12 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी है। बीते 24 घंटे में जयपुर सहित 10 जिलों में 2 इंच तक पानी बरसा है झालावाड़ में कालीसिंध नदी में लगातार पानी आने से बांध का एक गेट खोलकर 8 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। कोटा में बने नवनेरा बांध से भी 3 गेट के जरिए 25 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है इधर कोटा बैराज, जवाहर सागर, बीसलपुर, ईसरदा, गालवा, गुढ़ा बांध में भी पानी की आवक हो रही है, जिससे इन बांधों का जलस्तर बढ़ गया 28 अगस्त से राज्य में मानसून के सुस्त पड़ने और अगले तीन-चार दिन बारिश बहुत कम होने की संभावना है

कांवड़ यात्रा महोत्सव के पोस्टर का विमोचन, ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान

कांवड़ यात्रा महोत्सव को लेकर कालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पोस्टर का विमोचन किया गया। इस दौरान समाजसेवी खुशपाल सिंह सोलंकी, राजू सिंह, कमलेश पुरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। आयोजन को लेकर ग्रामीणों में उत्साह नजर आया। उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कांवड़ यात्रा महोत्सव में शामिल होने और आयोजन को सफल बनाने का आग्रह किया।

जयपुर: IPS देश के बेस्ट-100 पुलिस अधिकारियों में नाम

राजस्थान के ये 5 अफसर भी लिस्ट में शामिलजयपुर राजस्थान की तेजतर्रार IPS फेम इंडिया-एशिया पोस्ट की ओर से जारी देश के 100 सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तानों की सूची में राजस्थान के 6 पुलिस अधिकारियों को जगह मिली है।सूची में राजस्थान के ये अधिकारी शामिलडॉ. अमृता दुहन (SP उदयपुर)अभिषेक शिवहरे (SP जैसलमेर)मृदुल कच्छवाह (बीकानेर)शैलेंद्र सिंह इंदौलिया (एसपी जालौर)प्रवीण नायक नूनावत (SP सीकर)रंजीता शर्मा (जयपुर ईस्ट)…!!

दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में करोड़ों की मशीनें बेकार! कहीं स्टाफ की कमी, कहीं खराबी बनी वजह

दिल्ली हाईकोर्ट के सामने दाखिल सरकारी अस्पतालों की रिपोर्टों से मेडिकल मशीनों के इस्तेमाल को लेकर बड़ी तस्वीर सामने आई है। हाईकोर्ट के 3 जुलाई 2026 के आदेश के बाद दिल्ली के सरकारी अस्पतालों ने अपनी मशीनों और उपकरणों का हिसाब देना शुरू किया। इस मामले में कुल 26 अलग अलग Annexure लगाए गए हैं, जिनमें कई अस्पतालों की रिपोर्ट शामिल है। रिपोर्टों से पता चलता है कि हर अस्पताल में मशीनें बेकार नहीं पड़ी हैं, लेकिन कई जगह महंगे उपकरण इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं। इसके पीछे कहीं डॉक्टर और तकनीकी स्टाफ की कमी है, तो कहीं मशीन खराब है, मरम्मत या जरूरी सामान नहीं मिलने के कारण काम नहीं कर रही है। कुछ उपकरण कोरोना के समय बड़ी संख्या में खरीदे या दान में मिले थे, लेकिन कोरोना का असर कम होने के बाद उनका इस्तेमाल घट गया।

राजस्थान निकाय चुनाव: सीकर जिला निकाय प्रमुख पदों का आरक्षण….

सीकर नगर परिषद — अनारक्षित (ओपन) फतेहपुर नगर परिषद — OBC महिला नीमकाथाना नगर पालिका — अनारक्षित महिला दांतारामगढ़ नगर पालिका — अनारक्षित (ओपन) खंडेला नगर पालिका — अनारक्षित (ओपन) खाटूश्यामजी नगर पालिका — SC महिला लक्ष्मणगढ़ नगर पालिका — अनारक्षित (ओपन) लोसल नगर पालिका — अनारक्षित महिला रींगस नगर पालिका — OBC (ओपन) श्रीमाधोपुर नगर पालिका — अनारक्षित (ओपन) सीकर जिले के 10 निकायों में निकाय प्रमुख पदों के आरक्षण की लॉटरी में निकायों की तस्वीर साफ हो गई है…!!!

जयपुर में साइबर ठगी का मामला आया सामने

90 साल के पूर्व जज से 2.50 करोड़ की ठगीठगों ने खुद को मुंबई CBI अधिकारी और RBI मैनेजर बतायाहवाला लेनदेन में गिरफ्तारी का डर दिखाकर फंसायाव्हाट्सएप कॉल कर 15 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट SBI मैनेजर की सतर्कता से बची PPF की रकमअब पुलिस साइबर ठगों तक पहुंचने की कोशिश में लगीबैंक खातों, मोबाइल नंबर, डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही पुलिस

‘वंदे मातरम्’ के अपमान पर अब 3 साल तक की सजा, राष्ट्रपति मुर्मू ने विधेयक को दी मंजूरी

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को कानूनी संरक्षण देने वाले राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद राष्ट्रगीत का जानबूझकर अपमान करना, उसके गायन में बाधा डालना या उसे रोकने का प्रयास करना दंडनीय अपराध होगा। नए प्रावधानों के तहत ऐसे मामले में अधिकतम तीन वर्ष तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान किया गया है। संशोधन का उद्देश्य राष्ट्रगीत को राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत संरक्षण देना है। ‘वंदे मातरम्’ का ऐतिहासिक महत्वबंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ उनके उपन्यास आनंदमठ का हिस्सा था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह गीत राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति का महत्वपूर्ण प्रतीक बना। स्वतंत्रता के बाद इसे भारत के राष्ट्रगीत का दर्जा दिया गया। कानूनी प्रावधान मुख्य रूप से जानबूझकर किए गए अपमान, गायन में बाधा डालने या उसे रोकने के प्रयास से संबंधित हैं। केवल किसी व्यक्ति द्वारा राष्ट्रगीत नहीं गाने की स्थिति को स्वतः इस अपराध के समान नहीं माना जाएगा। ऐसे मामलों में कानून के वास्तविक प्रावधान और घटना की परिस्थितियां महत्वपूर्ण होंगी।