
हाईकोर्ट ने राजस्थान पंचायत राज चुनाव से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण आदेश देते हुए चुनाव की घोषणा के बाद मतदाता सूची में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की बेंच ने मनोज कुमार गोदारा सहित अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका खारिज कर दी।
मामला ग्राम पंचायत मोतीनगरी के वार्ड संख्या दो की मतदाता सूची से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाने संबंधी प्रशासनिक आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
सुनवाई के दौरान चुनाव प्रक्रिया में न्यायिक हस्तक्षेप की संवैधानिक सीमाओं का मुद्दा सामने आया। हाईकोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 243-O का उल्लेख करते हुए पंचायत चुनावों से संबंधित मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप पर लागू संवैधानिक रोक के महत्व पर जोर दिया।
इस आदेश के साथ अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद उससे जुड़े मामलों में संवैधानिक प्रावधानों का ध्यान रखना आवश्यक है। हालांकि, मामले के विस्तृत आदेश और उसमें दर्ज कानूनी टिप्पणियों के आधार पर ही फैसले के दायरे को पूरी तरह समझा जा सकेगा।
पंचायत राज चुनाव से जुड़े इस फैसले को चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची संबंधी विवादों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।