नागौर पुलिस का बड़ा एक्शन: 650 किमी पीछा कर जहाजपुर (भीलवाड़ा) से दबोची 10 करोड़ से अधिक की चोरियों में शामिल गैंग
° 18 चक्का ट्रेलर से पहुंचते थे गांव, लोकल पहचान बनाने के लिए ट्रेलर पर लिखे थे स्थानीय नाम

जयपुर 16 अगस्त। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नागौर आशा राम चौधरी के निर्देशन में खींवसर थाना पुलिस ने राजस्थान व मध्य प्रदेश में नकबजनी और चोरी की 100 से अधिक वारदातों को अंजाम देने वाली सबसे बड़ी अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया है। वृत्ताधिकारी जतिन जैन आईपीएस के सुपरविजन तथा खींवसर थानाधिकारी सुरेश कुमार बिजारणियां की टीम ने लगातार 7 दिनों तक 650 किलोमीटर पीछा कर भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर से 5 शातिर आरोपियों को 18 चक्के के विशालकाय ट्रेलर सहित गिरफ्तार किया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चौधरी ने बताया कि चित्तौड़गढ़ जिले का यह गिरोह पिछले 5 वर्षों से सक्रिय था और बीते 2 वर्षों में राजस्थान के नागौर, जोधपुर, बाड़मेर, फलौदी, डीडवाना-कुचामन, बीकानेर व जयपुर में 100 से अधिक चोरियों को अंजाम दे चुका है। गिरोह अब तक 10 करोड़ रुपये से अधिक के जेवरात व नकदी चोरी कर चुका है। नागौर जिले में ही करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य की 12 बड़ी चोरियों का खुलासा हुआ है, जिनमें जिन्दास और पालड़ी पिचकियां की प्रसिद्ध चोरियां भी शामिल हैं।
वारदात का हैरान करने वाला अनोखा तरीका:
गिरोह चोरी के लिए 18 चक्के का ट्रेलर लेकर निकलता था। गांव के बाहर ट्रेलर खड़ा कर 5 में से 1 सदस्य ट्रेलर में रहता, 1 सदस्य पहरेदारी करता तथा 3 सदस्य घरों के ताले, खिड़की व दीवार तोड़कर चोरी करते थे।
स्थानीय लोगों और पुलिस को गुमराह करने के लिए इन्होंने ट्रेलर पर लीलण, जाट और वीर तेजा जैसे शब्द लिखवा रखे थे ताकि लोग इसे स्थानीय वाहन समझें। इसके साथ ही गैंग का कोई भी सदस्य चोरी के वक्त मोबाइल साथ नहीं रखता था। वे सीसीटीवी और पुलिस की तकनीकी जांच प्रणाली से पूरी तरह वाकिफ थे। चोरी के बाद रास्ते में खड़ी बाइक चुराकर भागते और 10 किमी दूर बाइक छोड़कर वापस ट्रेलर में बैठकर फरार हो जाते थे। गिरोह कभी दिन में या मंदिरों में चोरी नहीं करता था।
650 किमी पीछा कर जहाजपुर में घेराबंदी
गत 6 अगस्त को बिरलोका थाना खींवसर में हुई 8.30 लाख रुपये की चोरी के बाद पुलिस ने 400 सीसीटीवी फुटेज और 18 टोल प्लाजा खंगाले। पुलिस ने चित्तौड़गढ़ से निकले इस ट्रेलर का पीछा किया। 13 अगस्त की रात रोल थाना क्षेत्र में पुलिस को देखते ही आरोपी जयपुर की तरफ भागे, जिस पर पुलिस टीम ने 650 किमी तक पीछा करते हुए 14 अगस्त को जहाजपुर भीलवाड़ा में पूरे गिरोह को दबोच लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त
मामले में पुलिस ने गिरोह के सदस्य शैतान कंजर (22) निवासी मेघनिवास, बेगूं, चित्तौड़गढ़- 04 आपराधिक मामले, राजेन्द्र कंजर (26) निवासी दुधीतलाई थाना विजयपुर, चित्तौड़गढ़- 02 आपराधिक मामले, राजू कंजर (42)-निवासी विजयपुर चित्तौड़गढ़- 15 आपराधिक मामले, रतनलाल कंजर (22) निवासी धाधलिया का खेड़ा थाना विजयपुर चित्तौड़गढ़- 01 आपराधिक मामला और नानू कंजर (22) निवासी दुधीतलाई विजयपुर, चित्तौड़गढ़ को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों द्वारा लंबे समय से संगठित गिरोह चलाकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के कारण उनके खिलाफ संगठित अपराध के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें आजीवन कारावास तक की सजा का कड़ा प्रावधान है।
इस पूरी बहुचर्चित कार्रवाई को अंजाम देने में खींवसर थाने के कांस्टेबल भजनलाल (1208) का विशेष और सराहनीय योगदान रहा।