
कोर्ट ने मेट्रो और रेल सेवाओं को सामान्य रूप से चलाने, कानून के मुताबिक इंटरनेट सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रखने और लोगों व ट्रैफिक की आवाजाही की अनुमति देने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर लगी धारा 163 का बोर्ड हटाने का भी निर्देश दिया, ताकि न्याय तक पहुंच को लेकर कोई आशंका न रहे।