बड़ी खबर: भरतपुर में जानलेवा हमले में घायल भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना का निधन
राजस्थान के भरतपुर से बड़ी खबर सामने आई है। जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना का देर रात निधन हो गया। उन्होंने जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। भरतपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह जिला है, ऐसे में इस घटना ने प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों का ध्यान आकर्षित किया है। पूर्व विधायक पर हुए हमले और उनके निधन को लेकर अब आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
9/11 हमलों से प्रेरित था फ्लाईदुबई का को-पायलट! इजरायल जा रही फ्लाइट हाईजैक करने की कोशिश का आरोप
दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट को हाईजैक करने की कोशिश के आरोप को-पायलट हमाम अल-हम्मामी से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। UAE के अधिकारियों के अनुसार, हम्मामी 11 सितम्बर 2001 (9/11) को अमेरिका में हुए आतंकी हमलों से प्रेरित होकर एविएशन में आया था। पूछताछ के दौरान हम्मामी ने कबूल किया कि कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग लेने से पहले ही उसके मन में इसी तरह के हवाई हमले करने की इच्छा पक्की हो गई थी हम्मामी ने बीती 30 सितम्बर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट के अंदर हमला बोल दिया था। हमले में मच्छार को गंभीर चोट आई थी लेकिन उन्होंने बहादुरी से मुकाबला करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था। इसके बाद फ्लाइट में सवार यात्रियों ने हमलावर को-पायलट को काबू में कर लिया था…!!
जैसलमेर से ओरण प्रेमियों के लिए बड़ी जीत की खबर सामने
आई है। आम जनता चोचरा बनाम अडाणी रिन्यूएबल्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड मामले में माननीय न्यायालय (एसीजेएम-2) ने स्थगन आदेश जारी किया है। न्यायालय ने कंपनी को ओरण भूमि पर किसी भी प्रकार की गतिविधि नहीं करने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही प्रशासन को भी ओरण भूमि पर नजर रखने और उसकी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले को ओरण भूमि के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे ओरण प्रेमियों में खुशी का माहौल है।
औपचारिक क्रेडिट तक पहुँच बढ़ी: भारत का स्मॉल बिज़नेस क्रेडिट पोर्टफोलियो 50.9 लाख करोड़ रुपए तक पहुँचा, एक्टिव लोन में 27.4% की बढ़ोतरी
• अकेले कारोबार चलाने वाले (सोल प्रोप्राइटर) क्रेडिट ग्रोथ को आगे बढ़ा रहे हैं, उनका पोर्टफोलियो 19.3% बढ़ा है, जबकि पीएआर 91-180 एक साल पहले के 1.5% से सुधरकर 1.2% हो गया है मुंबई, 9 अक्टूबर, 2026: भारत का स्मॉल बिजनेस सेक्टर लगातार ज़बरदस्त मज़बूती और बढ़ती आर्थिक अहमियत दिखा रहा है। इसे क्रेडिट तक बढ़ती पहुँच, क्रेडिट की बेहतर क्वालिटी और उधार लेने वाले सभी वर्गों में बढ़ते औपचारिककरण (फॉर्मलाइज़ेशन) का समर्थन मिल रहा है। सीआरआईएफ क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड और स्मॉल इंडस्ट्रीज़ डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) ने जून 2026 के डेटा पर आधारित ‘सीआरआईएफ-सिडबी स्मॉल बिजनेस स्पॉटलाइट रिपोर्ट’ (सितंबर 2026) का पाँचवाँ संस्करण जारी किया है।नवीनतम संस्करण इस बात पर प्रकाश डालता है कि स्मॉल बिजनेस क्रेडिट इकोसिस्टम ने एक अहम् पड़ाव पार कर लिया है। जून 2026 तक बकाया पोर्टफोलियो 50 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है, जो लोन देने की गतिविधि और उधार लेने वालों की भागीदारी में लगातार तेज़ी को दर्शाता है। इस ग्रोथ में अकेले कारोबार चलाने वालों (सोल प्रोप्राइटर) की मुख्य भूमिका रही है, जो क्रेडिट की माँग को बढ़ा रहे हैं, जबकि लोन न चुकाने (डेलिंक्वेंसी) के संकेतकों में सुधार इस सेक्टर में मज़बूत होते रिस्क प्रोफाइल को दर्शाता है।इस पृष्ठभूमि में, राजस्थान इस संस्करण के लिए ‘स्टेट इन फोकस’ (मुख्य राज्य) के रूप में उभरा है, जो एक गतिशील और तेज़ी से विविधतापूर्ण होते स्मॉल बिज़नेस इकोसिस्टम को प्रदर्शित करता है। स्मॉल बिज़नेस क्रेडिट बकाया में साल-दर-साल 16.8% की वृद्धि हुई है, जो 14.9% की राष्ट्रीय विकास दर से अधिक है। यह राज्य अपने उद्यमिता आधार की मज़बूती को दर्शाता है, जिसे अनुकूल नीतिगत माहौल, मज़बूत एमएसएमई गतिविधि और अच्छे क्रेडिट प्रदर्शन का समर्थन प्राप्त है। जैसे-जैसे भारत समावेशी आर्थिक विकास की दिशा में प्रयास तेज़ कर रहा है, ये निष्कर्ष स्थापित और उभरते हुए दोनों बाज़ारों में रोज़गार, स्थानीय आर्थिक विकास और क्रेडिट विस्तार को आगे बढ़ाने में छोटे व्यवसायों की अहम् भूमिका को रेखांकित करते हैं।मुख्य बातें:• जून 2026 में भारत का छोटे व्यवसायों का क्रेडिट पोर्टफोलियो 50.9 लाख करोड़ रुपए तक पहुँच गया। इसमें साल-दर-साल 14.9% और तिमाही-दर-तिमाही 3.5% की बढ़ोतरी हुई, जो बिजनेस क्रेडिट के लगातार औपचारिक होने और फाइनेंसिंग की मज़बूत मांग को दिखाता है।• इस बढ़ोतरी में अकेले कारोबार चलाने वालों (सोल प्रोप्राइटर) की अहम् भूमिका रही; उनके पोर्टफोलियो में साल-दर-साल 19.3% का विस्तार हुआ, जबकि एक्टिव लोन में 27.4% की बढ़ोतरी हुई। पोर्टफोलियो आउटस्टैंडिंग की तुलना में एक्टिव लोन में तेज़ी से हुई बढ़ोतरी क्रेडिट तक पहुँच के विस्तार का संकेत देती है।• पूरे पोर्टफोलियो की एसेट क्वालिटी मज़बूत बनी रही; पीएआर 91-180 जून 2025 के 1.5% से सुधरकर जून 2026 में 1.2% हो गया।• उद्यमों में, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर उधार लेने वालों के वर्ग में मुख्य बना रहा; कुल पोर्टफोलियो आउटस्टैंडिंग में इसकी हिस्सेदारी 41.92% रही और इसमें 3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।• बहुत कम जोखिम और कम जोखिम वाले उद्यमों के एक्सपोज़र की हिस्सेदारी जून 2024 के 66.4% से बढ़कर जून 2026 में 70.9% हो गई। अकेले कारोबार चलाने वालों के लिए, यह हिस्सेदारी मामूली रूप से 55.1% से बढ़कर 56.1% हो गई, जबकि बहुत ज़्यादा जोखिम वाला एक्सपोज़र 17.4% से बढ़कर 20.0% हो गया, जो जोखिम की लगातार निगरानी और उसे सही स्तर पर रखने की ज़रूरत को रेखांकित करता है।राजस्थान पर फोकस• राजस्थान भारत के मज़बूत प्रदर्शन करने वाले छोटे व्यवसाय क्रेडिट बाज़ारों में से एक के रूप में उभरा है। इसे विविध अर्थव्यवस्था, 53 लाख से ज़्यादा रजिस्टर्ड उद्यमों के बड़े एमएसएमई आधार और औद्योगिक व एमएसएमई-केंद्रित पहलों के ज़रिए लगातार नीतिगत समर्थन का लाभ मिला है।• जून 2026 में राज्य का छोटे व्यवसायों का क्रेडिट पोर्टफोलियो 3.4 लाख करोड़ रुपए तक पहुँच गया, जो राष्ट्रीय पोर्टफोलियो का 6.8% है। इसमें साल-दर-साल 16.8% की बढ़ोतरी हुई, जो 14.9% की राष्ट्रीय विकास दर से ज़्यादा है।• राजस्थान का पोर्टफोलियो विकास औसत से बेहतर रहा है और PAR 91-180 का आंकड़ा 0.9% है। रिस्क-रिटर्न के नज़रिए से यह बड़े राज्यों के बेहतर प्रदर्शन करने वाले लोन पोर्टफोलियो में से एक है।• राजस्थान के एंटरप्राइज़ एक्सपोज़र में मैन्युफैक्चरिंग का हिस्सा 45.4% था, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह लगभग 42% है। सर्विस सेक्टर में सबसे ज़्यादा तेज़ी देखी गई, जिसमें साल-दर-साल 15.6% की बढ़ोतरी हुई।• सीकर और नागौर जैसे उभरते ज़िलों में विकास दर राज्य के औसत से काफ़ी ज़्यादा रही, जिससे पता चलता है कि विकास अब स्थापित केंद्रों से आगे बढ़कर ज़्यादा जगहों पर फैल रहा है।• राजस्थान के एंटरप्राइज़ पोर्टफोलियो में उधार लेने वालों की प्रोफाइल राष्ट्रीय औसत से बेहतर है; यहाँ 77.3% एक्सपोज़र कम जोखिम वाली कैटेगरी में है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 70.9% है।• राजस्थान के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में, मशीनरी और इक्विपमेंट सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली इंडस्ट्री के तौर पर उभरी है, जिसमें पोर्टफोलियो विकास के साथ-साथ लोन न चुकाने (डेलिंक्वेंसी) के मामलों में भी सुधार हुआ है।ये नतीजे भारत के छोटे बिज़नेस इकोसिस्टम की बढ़ती मज़बूती और लचीलेपन को दिखाते हैं। पोर्टफोलियो का बकाया 50 लाख करोड़ रुपए के आँकड़े को पार कर गया है और क्रेडिट की माँग भी मज़बूत बनी हुई है, खासकर अकेले बिज़नेस चलाने वालों (सोल प्रोप्राइटर) के बीच। इस सेक्टर को क्रेडिट की बेहतर पहुँच और पोर्टफोलियो की बेहतर क्वालिटी का फायदा मिल रहा है। राजस्थान विकास के मुख्य बाज़ारों में से एक के तौर पर उभरा है, जहाँ क्रेडिट विकास दर राष्ट्रीय औसत से ज़्यादा रही है और लोन न चुकाने (डेलिंक्वेंसी) का स्तर भी ठीक-ठाक बना हुआ है। जैसे-जैसे औपचारिक अर्थव्यवस्था (फॉर्मलाइज़ेशन) तेज़ी पकड़ रही है और नए बिज़नेस केंद्रों तक क्रेडिट की पहुँच बढ़ रही है, छोटे बिज़नेस का सेक्टर और भी अहम् भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव
प्रदेश में आज 6 जिलों में बारिश का अलर्ट,मौसम विभाग के मुताबिक गरज-चमक के साथ 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं,बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर और झुंझुनूं में बारिश के आसार,मौसम में बदलाव से कुछ इलाकों में दिन के तापमान में आ सकती गिरावट,वहीं चूरू और सीकर सहित शेखावाटी क्षेत्र में ठंडक बढ़ने के आसार,हालांकि बारिश का असर पूरे प्रदेश में एकसमान नहीं रहेगा,जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भी बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना,इससे दिन के तापमान में आ सकती है भारी गिरावट।
उदयपुर में आज निकलेगी मां नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की भव्य शोभायात्रा, 1000 से अधिक महिलाएं कलश लेकर होंगी शामिल
उदयपुर। नवरात्रि पर्व के अवसर पर शूलधारिणी सेना उदयपुर की ओर से आज शनिवार, 10 अक्टूबर को भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। दोपहर 3:15 बजे रेती स्टैंड स्थित आवरी माता मंदिर से शोभायात्रा रवाना होगी। इसमें 1000 से अधिक महिलाएं माता रानी की चुनरी ओढ़कर सिर पर कलश धारण करेंगी।सेना के जिलाध्यक्ष संदीप चौहान ने बताया कि शोभायात्रा में नासिक ढोल, बाहुबली हनुमानजी, भगवान नरसिंह, शिव अघोरी मंडली और श्रीनाथजी की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके साथ अश्व नृत्य, लोक नृत्य और अखाड़ा प्रदर्शन भी होंगे। शोभायात्रा टेकरी चौराहा, माली कॉलोनी, देवनारायण मंदिर, परशुराम चौराहा और राजेंद्र नगर होते हुए टेकरी स्कूल पहुंचेगी तथा वहां से पुनः आवरी माता मंदिर लौटेगी, जहां नवदुर्गा स्वरूपों की स्थापना की जाएगी।आयोजन की विशेषता मिट्टी से निर्मित नवदुर्गा प्रतिमाएं हैं, जिनके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। शूलधारिणी सेना पिछले 19 वर्षों से यह आयोजन कर रही है। कार्यकर्ताओं की ओर से घर-घर जाकर निमंत्रण दिया गया है और शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।सेना संस्थापक गजेंद्र आचार्य, प्रदेश सचिव भूपेंद्र धाभाई, सेना उप प्रमुख सतीश मालवीय, जिलाध्यक्ष संदीप चौहान, नगर अध्यक्ष संजय सुथार, महेंद्र सिंह चौहान, नितिन सिंह गहलोत, प्रशांत तेली, सुनील निमावत, हरीश सालवी, महावीर प्रसाद शर्मा, शालीभद्र नागोरी और हार्दिक तेली सहित सेना के कार्यकर्ता आयोजन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
भारत में एक्टिव हाउसिंग लोन का 68% हिस्सा किफायती (अफोर्डेबल) हाउसिंग लोन का है, जबकि किफायती हाउसिंग में नए क्रेडिट लेने वालों (न्यू टू क्रेडिट) की हिस्सेदारी 21% है: सीआरआईएफ क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेस
किफायती हाउसिंग लोन की कुल वैल्यू में अगस्त 2026 को खत्म हुए 12 महीनों में महिलाओं की हिस्सेदारी 31% रही, जो व्यापक क्रेडिट समावेश (फाइनेंशियल इन्क्लूज़न) में इस सेगमेंट की भूमिका को उजागर करता हैएचएफसीज़ (हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों) की स्थिति मजबूत हुई है; किफायती हाउसिंग पोर्टफोलियो में उनकी हिस्सेदारी पांच वर्षों में बढ़कर 31.4% हो गई हैप्रॉपर्टी-बैक्ड लेंडिंग (संपत्ति के बदले ऋण) में ‘माइक्रो एलएपी’ विकास के एक मजबूत इंजन के रूप में उभर रहा है जयपुर, अक्टूबर, 2026: किफायती हाउसिंग भारत के हाउसिंग फाइनेंस इकोसिस्टम का मुख्य आधार बनी हुई है; अगस्त 2026 तक एक्टिव हाउसिंग लोन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 68% थी। हालाँकि, प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतें और महँगे घरों की बढ़ती माँग हाउसिंग मार्केट का स्वरूप बदल रही हैं, फिर भी किफायती हाउसिंग देश भर में नए कर्जदारों को जोड़ने, वित्तीय समावेश और घर के मालिकाना हक को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।सीआरआईएफ क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड (जिसे पहले सीआरआईएफ हाई मार्क के नाम से जाना जाता था) की ‘अफोर्डेबल हाउसिंग लोन और माइक्रो एलएपी ट्रेंड्स रिपोर्ट’ के अनुसार, एएफएचएल सेगमेंट पहली बार कर्ज लेने वालों को औपचारिक क्रेडिट सिस्टम में ला रहा है, कम सेवा वाले ग्राहक समूहों के बीच क्रेडिट तक पहुँच बढ़ा रहा है और बड़े शहरी केंद्रों से परे विकास के अवसर उत्पन्न कर रहा है। रिपोर्ट में हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (एचएफसीज़) की बढ़ती भूमिका, पोर्टफोलियो के बेहतर प्रदर्शन और आने वाले वर्षों में किफायती हाउसिंग के विकास को बनाए रखने में उभरते बाजारों के बढ़ते महत्व पर भी प्रकाश डाला गया है।रिपोर्ट में माइक्रो एलएपी (प्रॉपर्टी के बदले लोन) सेगमेंट के बढ़ते महत्व पर भी जोर दिया गया है, जिसमें 25 लाख रुपए तक के प्रॉपर्टी लोन शामिल हैं। अगस्त 2026 तक, एक्टिव प्रॉपर्टी लोन में माइक्रो एलएपी की हिस्सेदारी 85.6% थी, जिसमें 83.1 लाख एक्टिव लोन के साथ 4.7 लाख करोड़ रुपए का बकाया पोर्टफोलियो शामिल है। इस सेगमेंट ने पिछले पांच वर्षों में लगभग 20% सीएजीआर (चक्रवृद्धि वार्षिक विकास दर) दर्ज की है। इसे हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (एचएफसीज़), एनबीएफसीज़ और स्मॉल फाइनेंस बैंकों की मजबूत भागीदारी का समर्थन मिला है, जो कम सेवा वाले कर्जदारों के लिए सुरक्षित क्रेडिट तक पहुँच बढ़ाने में इसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।मुख्य बातें:किफायती आवास (अफोर्डेबल हाउसिंग) भारत के हाउसिंग फाइनेंस मार्केट का मुख्य आधार बना हुआ है: अगस्त 2026 तक, कुल एक्टिव हाउसिंग लोन में किफायती हाउसिंग लोन की हिस्सेदारी लगभग 68% थी, जो उधार लेने वालों की संख्या के हिसाब से इसे सबसे बड़ा सेगमेंट बनाती है। पोर्टफोलियो आउटस्टैंडिंग में हिस्सेदारी थोड़ी कम होने के बावजूद, मार्केट में पैठ बनाने और नए ग्राहक जोड़ने के लिए यह सेगमेंट बहुत ज़रूरी है।विकास तेज़ी से उभरते और बाहरी (पेरिफेरल) मार्केट की ओर बढ़ रहा है: किफायती हाउसिंग पोर्टफोलियो का लगभग 79% हिस्सा टॉप-10 राज्यों में केंद्रित है, जहाँ विकास मुख्य रूप से टॉप-100 शहरों से बाहर के इलाकों से हो रहा है। इससे टियर II, टियर III और बाहरी मार्केट का महत्व पता चलता है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्य विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।किफायती आवास वित्तीय समावेशन (फाइनेंशियल इन्क्लूजन) को बढ़ावा देने वाले सबसे मज़बूत कारकों में से एक है: हर पाँच में से एक से ज़्यादा किफायती हाउसिंग लोन ऐसे लोगों को दिए गए हैं जिनका क्रेडिट इतिहास नहीं था (एनटीसी- न्यू-टू-क्रेडिट), जो बड़े हाउसिंग लोन की तुलना में काफी ज़्यादा अनुपात है। जहाँ किफायती हाउसिंग लोन (एएचएफएल) में एनटीसी कर्जदारों की संख्या 20-22% के दायरे में रही, वहीं इसी दौरान ‘न्यू-टू-प्रोडक्ट’ (एनटीपी) कर्जदारों की हिस्सेदारी लगभग 70% रही, जो इस सेगमेंट में प्रोडक्ट-स्तर पर मज़बूत विस्तार को दर्शाता है।लोन देने की मज़बूत रफ़्तार और लेंडर्स (ऋणदाता) की भागीदारी माइक्रो एलएपी के विकास को सहारा दे रही है: क्यू1 वित्त वर्ष 27 में माइक्रो एलएपी के तहत लगभग 32,000 करोड़ रुपए के लोन दिए गए (4.3 लाख अकाउंट्स में), और लोन देने की वैल्यू में साल-दर-साल 8.8% की बढ़ोतरी हुई। एचएफसीज़ मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं और अगस्त 2026 तक उनके पोर्टफोलियो आउटस्टैंडिंग में 21.1% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि स्मॉल फाइनेंस बैंकों ने छोटे बेस से तेज़ी से विस्तार किया, जो इस सेगमेंट में लेंडर्स के बढ़ते भरोसे को प्रदर्शित करता है।अगस्त 2026 में माइक्रो एलएपी पोर्टफोलियो के प्रदर्शन में सुधार हुआ, हालाँकि छोटे लोन में जोखिम अभी भी ज़्यादा है: ज़्यादातर माइक्रो एलएपी कैटेगरी में एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है, और एचएफसीज़ तथा एसएफबीज़ के प्रदर्शन में ज़्यादा सुधार देखा गया है। हालांकि, 10 लाख रुपए से कम के लोन पर बारीकी से नज़र रखने की ज़रूरत है। साथ ही, उधार लेने वालों के स्तर पर किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि गोल्ड लोन लेने वाले ग्राहकों (जो कुल कर्जदारों का 9% हैं) में लोन न चुका पाने (डेलिंक्वेंसी) की दर अपेक्षाकृत ज़्यादा है, जिससे जोखिम का गहराई से आकलन करने की अहमियत और बढ़ जाती है।हाउसिंग फाइनेंस कंपनियाँ (एचएफसीज़) ग्रोथ को आगे बढ़ाने में अहम् भूमिका निभा रही हैं: एचएफसीज़ ने अफोर्डेबल हाउसिंग पोर्टफोलियो में अपनी हिस्सेदारी अगस्त 2021 के 26.9% से बढ़ाकर अगस्त 2026 में 31.4% कर ली है। उनकी ग्रोथ तेज़ी से बढ़ रही है और वे पूरे इंडस्ट्री के मुकाबले आगे हैं, खासकर अफोर्डेबल और मिड-मार्केट हाउसिंग सेगमेंट में।पोर्टफोलियो के प्रदर्शन में सुधार के अच्छे संकेत दिख रहे हैं: पिछले एक साल में अफोर्डेबल हाउसिंग में एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है, खासकर लोन न चुका पाने (डेलिंक्वेंसी) वाली मुख्य कैटेगरीज़ में। प्रदर्शन में सुधार खास तौर पर 10-25 लाख रुपए वाली कैटेगरी में देखा गया है; अलग-अलग तरह के लेंडर्स की कैटेगरीज़ में जोखिम के पैमानों (रिस्क मेट्रिक्स) का आकलन करने पर इस कैटेगरी में ज़्यादा सुधार दिखा है।अफोर्डेबल हाउसिंग को लेकर इंडस्ट्री का नज़रिया काफ़ी सकारात्मक बना हुआ है, और सर्वे में शामिल लगभग 72% स्टेकहोल्डर्स का यही मानना है।किफायती घरों (अफोर्डेबल हाउसिंग) को लेकर इंडस्ट्री का नज़रिया काफ़ी सकारात्मक बना हुआ है; सर्वे में शामिल लगभग 72% लोगों का मानना है कि अगले एक से तीन सालों में यह सेक्टर बहुत ज़्यादा या काफ़ी हद तक उम्मीद जगाने वाला है। जहाँ एक तरफ़ किफायती घर लोगों के घर के मालिक बनने, वित्तीय समावेश
नई स्कोडा स्लेविया जो कहे सब कुछ- स्टाइल, दमदार खूबियों और आत्मविश्वास के साथ
स्कोडा ऑटो इंडिया ने नई स्लेविया की कीमतें घोषित कीं, जो 9.99 लाख रुपये से शुरू होती हैं (भारत में एक्स-शोरूम कीमतें) मुंबई, अक्टूबर 2026: स्कोडा ऑटो इंडिया ने नई स्लेविया की कीमतों की घोषणा कर दी है और इसकी डिलीवरी अगले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। सेडान जो कहे सब कुछ वाली नई स्लेविया में और भी निखरा हुआ यूरोपीय डिज़ाइन, दमदार और रोमांचक प्रदर्शन, स्मार्ट तकनीक, बेहतर आराम और भरोसेमंद सुरक्षा, सब कुछ एक शानदार पैकेज में मिलता है। भारत के लिए विशेष रूप से तैयार एमक्यूबी-ए0-आईएन प्लेटफॉर्म पर निर्मित यह कार लॉन्च के समय छह वेरिएंट- क्लासिक, क्लासिक+, सिग्नेचर, स्पोर्टलाइन, प्रेस्टीज़ और मोन्टे कॉर्लो में उपलब्ध होगी। 1.0 टीएसआई इंजन के साथ छह-स्पीड मैनुअल या बिल्कुल नया आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स मिलता है, जबकि 1.5 टीएसआई इंजन को सात-स्पीड डीएसजी गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है। स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड निदेशक आशीष गुप्ता ने कहा, “स्लेविया ने हमेशा से ही उन खूबियों को एक साथ पेश किया है, जिन्हें ग्राहक एक सेडान में सबसे अधिक महत्व देते हैं- सदाबहार डिज़ाइन, शानदार ड्राइविंग अनुभव, आराम, सुरक्षा और बेहतरीन इंजीनियरिंग। नई स्लेविया इन्हीं खूबियों को और आगे ले जाती है, जिसमें पहले से अधिक आकर्षक डिज़ाइन, स्मार्ट तकनीक और बिल्कुल नया आठ-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स शामिल है। यह वाकई जो कहे सबकुछ है, क्योंकि यह बिना किसी समझौते के सेडान का एक संपूर्ण अनुभव देती है- आकांक्षाओं को पूरा करने वाली, फिर भी सहज रूप से सुलभ; ड्राइव करने में आनंददायक, फिर भी आरामदायक; और ग्राहकों की नई पीढ़ी की जरूरतों के अनुरूप।” ऐसा प्रदर्शन, जो कहे सब कुछनई स्लेविया अपने भरोसेमंद 1.0 टीएसआई और 1.5 टीएसआई इंजन विकल्पों को बरकरार रखती है। 1.0 टीएसआई इंजन के साथ छह-स्पीड मैनुअल या अपने सेगमेंट का बिल्कुल नया पहला आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया गया है। अधिक शक्तिशाली 1.5 टीएसआई इंजन के साथ सात-स्पीड डीएसजी और बेहतर ब्रेकिंग भरोसे के लिए पीछे डिस्क ब्रेक दिए गए हैं। ऐसी डिज़ाइन, जो कहे सबकुछनई स्लेविया अपने यूरोपीय डिज़ाइन को और निखारती है। इसमें बिल्कुल नई एलईडी हेडलाइट्स और टेललाइट्स, क्रमिक रूप से जलने वाले पीछे के दिशा-सूचक, क्षैतिज क्रोम ग्रिल पट्टी, आगे और पीछे के हिस्से में संशोधित डिज़ाइन तथा नए अलॉय व्हील दिए गए हैं। मोन्टे कॉर्लो में विशेष बैजिंग, लाल रंग के आकर्षक उभार और काले बाहरी हिस्से इसे एक खास अंदाज़ देते हैं। पहले से उपलब्ध आठ रंगों के साथ अब आर्कटिक सिल्वर और कैपुचिनो बीज़ नए रंगों के रूप में शामिल किए गए हैं। कैपुचिनो बीज़ रंग वाली कारों की डिलीवरी दिसंबर 2026 से शुरू होगी। ऐसा आराम और तकनीक, जो कहे सबकुछसेगमेंट में पहली बार दी गई पीछे की सीटों के लिए मसाज सुविधा पीछे बैठने वाले यात्रियों के आराम को एक नई ऊँचाई देती है। 360-डिग्री एरिया व्यू कैमरा और आगे-पीछे के पार्किंग सेंसर के साथ पार्क पायलट पार्किंग और धीमी गति से वाहन चलाने के दौरान होने वाली गतिविधियों को आसान बनाते हैं। वहीं, ऊपरी वेरिएंट में दिया गया बड़ा 26.03 सेमी डिजिटल कॉकपिट अधिक स्पष्ट जानकारी और ज्यादा बेहतर डिजिटल अनुभव प्रदान करता है। एआई-सक्षम तकनीक, जो कहे सब कुछ25.6 सेमी टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम में नया इंटरफेस और अगली पीढ़ी की डिजिटल संरचना दी गई है, साथ ही वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और ऐपल कारप्ले की सुविधा भी मिलती है। गूगल क्लाउड के ऑटोमोटिव एआई एजेंट से संचालित इसका वॉइस असिस्टेंट वाहन में जेमिनी की सुविधा लाता है, जो संदर्भ के अनुसार सहायता, वास्तविक समय की जानकारी और संगीत, कॉल तथा तापमान नियंत्रण को बिना हाथ लगाए संचालित करने की सुविधा देता है। इसे भारतीय अंग्रेज़ी के अलग-अलग उच्चारणों को पहचानने के लिए भी तैयार किया गया है। ऐसी सुरक्षा, जो कहे सब कुछनई स्लेविया वयस्कों और बच्चों की सुरक्षा के लिए अपनी 5-स्टार ग्लोबल एनकैप रेटिंग को बरकरार रखती है। इसमें छह एयरबैग सहित 25 से अधिक सक्रिय और निष्क्रिय सुरक्षा सुविधाएँ मानक रूप से दी गई हैं, जबकि ऊपरी वेरिएंट में इनकी संख्या 40 से अधिक हो जाती है। क्लासिक+ से आगे के वेरिएंट में पीछे का शीशा साफ करने वाला उपकरण, बारिश की बूंदों को पहचानने वाले वाइपर, एलईडी फॉग लैंप, अपने आप कम चमक वाला अंदरूनी रियर-व्यू मिरर और चकाचौंध कम करने वाले बाहरी रियर-व्यू मिरर दिए गए हैं, जो दृश्यता और ड्राइविंग के भरोसे को और बेहतर बनाते हैं। ऐसा भरोसा, जो कहे सब कुछस्कोडा सूपर केयर के तहत मानक रूप से 4 साल या 1,00,000 किलोमीटर की वारंटी, 4 साल की रोडसाइड सहायता और 2 साल या 30,000 किलोमीटर तक चार फ्री लेबर सर्विसेज़ मिलती हैं। वारंटी को बढ़ाकर 6 साल तक किया जा सकता है। इसके अलावा, सभी वेरिएंट पर 6 साल की जंग-रोधी वारंटी और 3 साल की पेंट वारंटी भी दी जाती है। ऐसी रेंज, जो कहे सब कुछछह वेरिएंट- क्लासिक, क्लासिक+, सिग्नेचर, स्पोर्टलाइन, प्रेस्टीज़ और मोन्टे कॉर्लो ग्राहकों को अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार स्लेविया चुनने की पूरी आज़ादी देते हैं। बेहतरीन सुविधाओं से लैस क्लासिक से लेकर फीचर्स से भरपूर प्रेस्टीज़ और ज्यादा स्पोर्टी मोन्टे कॉर्लो तक, हर वेरिएंट डिज़ाइन, आराम, तकनीक, प्रदर्शन, सुरक्षा और कीमत के बीच सोच-समझकर तैयार किए गए संतुलन के साथ जो कहे सबकुछ के वादे को साकार करता है। New SlaviaPrice INR (Ex- Showroom)1.0 TSI MT1.0 TSI AT1.5 TSI DSGClassic₹ 9,99,900 Classic+₹ 10,99,000₹ 12,49,000 Signature₹ 13,94,000₹ 14,94,000 Sportline₹ 14,34,000₹ 15,34,000 Prestige₹ 15,89,000₹ 16,89,000₹ 18,59,000Monte Carlo ₹ 17,29,000₹ 18,84,000
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का ग्रीस दौरा
मुख्य सचिव कल से 16 अक्टूबर तक रहेंगे ग्रीस दौरे पर,मुख्य सचिव आज शाम जयपुर से दिल्ली के लिए होंगे रवाना, दिल्ली से जाएंगे ग्रीस, एथेंस में 12 से 16 अक्टूबर तक आयोजित IASIA-2026 की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में होंगे शामिल,IIAS अध्यक्ष के तौर पर कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे वी. श्रीनिवास,“बदलती दुनिया के लिए शासन व्यवस्था पर नए सिरे से विचार”कॉन्फ्रेंस की थीम, सुशासन, प्रशासनिक सुधार, बदलती चुनौतियों के अनुरूप शासन व्यवस्था विकसित करने पर होगा मंथन,डिजिटल बदलाव, जलवायु संबंधी चुनौतियों, जन अपेक्षाओं जैसे विषयों पर भी होगी चर्चा,कॉन्फ्रेंस में विभिन्न सत्रों और बैठकों में शामिल होंगे मुख्य सचिव,16 अक्टूबर को ग्रीस से दिल्ली के लिए रवाना होंगे मुख्य सचिव।
अकासा एयर ने बढ़ती ATF (विमान ईंधन) कीमतों के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर नया फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है, जो 9 अक्टूबर से नई बुकिंग पर प्रभावी है। कंपनी ने मिडिल ईस्ट के भू-राजनीतिक तनाव को इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह बताया है।
दूरी के अनुसार घरेलू सरचार्ज: अंतरराष्ट्रीय रूट्स: