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‘मेरी संगिनी, मेरी मार्गदर्शिका’ के तहत 15 गांवों की संगिनियों का प्रशिक्षण आयोजित

ग्रामीण समुदायों को सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘मेरी संगिनी, मेरी मार्गदर्शिका’ परियोजना के अंतर्गत सीएसआर परियोजना के 15 गांवों की संगिनियों के लिए प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य संगिनियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी, पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें ग्रामीण परिवारों को दस्तावेज पूर्ण कराने और आवेदन जमा करने तक आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए सक्षम बनाना है। परियोजना के माध्यम से प्रशिक्षित संगिनियां अपने-अपने गांवों में सरकारी योजनाओं और पात्र लाभार्थियों के बीच एक प्रभावी सेतु के रूप में कार्य करेंगी। वे ग्रामीणों को योजनाओं की सही एवं विश्वसनीय जानकारी देने के साथ पात्र लाभार्थियों की पहचान, आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी, दस्तावेज पूर्ण कराने में सहयोग तथा आवेदन प्रक्रिया में सहयोग प्रदान करेंगी। प्रशिक्षण सत्र में पंचायत समिति अटरू के अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के विषय विशेषज्ञों ने संगिनियों का मार्गदर्शन किया। अतिरिक्त विकास अधिकारी श्री सत्येंद्र मीणा जी ने आवास योजना, पेंशन योजनाओं, वीबी-जी राम जी सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने योजनाओं की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया एवं लाभ प्राप्त करने के तरीकों को सरल और व्यावहारिक रूप से समझाया। उन्होंने संगिनियों को ग्रामीणों तक सही जानकारी पहुंचाने तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया। प्रगति प्रसार अधिकारी श्री चंद्र मोहन वर्मा जी ने सूचना का अधिकार, संपर्क पोर्टल एवं शिकायत निवारण व्यवस्था के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने तथा सरकारी सेवाओं से संबंधित शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया के बारे में संगिनियों को अवगत कराया। डाक विभाग से सुश्री मोनिका जी एवं श्री गोविंद मीणा जी ने सुकन्या समृद्धि योजना, सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF), आवर्ती जमा (RD) सहित विभिन्न बचत योजनाओं की पात्रता, ब्याज दर एवं लाभों की जानकारी दी। इससे संगिनियों को ग्रामीण परिवारों में बचत एवं वित्तीय जागरूकता बढ़ाने में भी सहयोग मिलेगा। इस अवसर पर श्री एजाज फुलवाडिया, सीएसआर प्रमुख, अदाणी पावर लिमिटेड, कवाई ने संगिनियों से संवाद करते हुए ‘संगिनी’ एवं ‘मार्गदर्शिका’ की भूमिका के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “एक मार्गदर्शिका का कार्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा दिखाते हुए उन्हें उपलब्ध सुविधाओं और उनके अधिकारों तक पहुंचने में सहयोग करना है।” उन्होंने कहा कि सही जानकारी तभी सार्थक होती है जब वह पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और उसे योजना का वास्तविक लाभ मिले। ‘मेरी संगिनी, मेरी मार्गदर्शिका’ इसी सोच के साथ जानकारी से लेकर दस्तावेज पूर्ण कराने और आवेदन जमा करने तक ग्रामीणों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है। संगिनियां अपने गांवों में स्थानीय स्तर पर एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में कार्य करते हुए महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। ‘मेरी संगिनी, मेरी मार्गदर्शिका’ ग्रामीण विकास में अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करने की एक पहल है, जिसमें ग्रामीण महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि अपने समुदाय के लिए जागरूकता और सहायता की सक्रिय वाहक बनाया जा रहा है।

बिशप देवप्रसाद गनावा के निधन पर शोक

उदयपुर। उदयपुर धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष, उदयपुर कैथोलिक समुदाय के प्रमुख धर्मगुरु एवं Catholic Diocesan Education Society, Udaipur (CDESU) के अध्यक्ष Most Rev. Dr. Devprasad Ganawa, SVD के 4 अक्टूबर 2026 को निधन से उदयपुर धर्मप्रांत, SVD समाज एवं समस्त कैथोलिक समुदाय में शोक की लहर छा गई है।बिशप देवप्रसाद गनावा जी ने अपना संपूर्ण जीवन ईश्वर, मानवता, शिक्षा एवं समाजसेवा को समर्पित किया। उन्होंने वर्ष 2009 से 2013 तक झाबुआ के धर्माध्यक्ष तथा वर्ष 2013 से उदयपुर के धर्माध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ निष्ठा, सरलता एवं करुणा के साथ प्रदान कीं।शिक्षा एवं सामाजिक विकास के क्षेत्र में उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थाओं, विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा समाज के वंचित वर्गों के प्रति उनका स्नेह एवं संवेदनशीलता उल्लेखनीय रही। उनके सरल व्यक्तित्व, विनम्र व्यवहार, करुणामय हृदय एवं सेवाभाव ने असंख्य लोगों को प्रेरित किया।सेंट पॉल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, उदयपुर परिवार ने उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि बिशप गनावा जी का निधन न केवल उदयपुर धर्मप्रांत, बल्कि शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है। विद्यालय परिवार ने उनके प्रेरणादायी जीवन, अमूल्य योगदान एवं सेवाभाव को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।उनका स्नेह, मार्गदर्शन, सेवाभाव एवं समाज के प्रति समर्पण सदैव लोगों के हृदय में जीवित रहेगा।बिशप महोदय की अंतिम यात्रा बुधवार, प्रातः 9:00 बजे प्रारंभ होगी।“मैं पुनरुत्थान और जीवन हूँ।” — यूहन्ना 11:25ईश्वर उनकी आत्मा को शाश्वत शांति प्रदान करें तथा शोक-संतप्त समुदाय को इस दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

वित्त वर्ष 2026 में परिवारों को औसतन ₹15 लाख का डेथ क्लेम देकर आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस सबसे आगे

मुंबई, सितंबर 2026: आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने वित्त वर्ष 2026 में परिवारों को औसतन ₹15 लाख का व्यक्तिगत डेथ क्लेम (मृत्यु दावा) दिया है। कंपनी लगातार दूसरे साल इस मामले में सबसे आगे रही है, जो समय पर वित्तीय सहायता देने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पिछले छह वित्त वर्षों के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध उद्योग आंकड़ों के अनुसार, कंपनी द्वारा भुगतान की गई औसत व्यक्तिगत डेथ क्लेम राशि वित्त वर्ष 2021 के लगभग ₹10 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹15 लाख हो गई है। पिछले चार वर्षों में यह औसत क्लेम लगातार लगभग ₹14-15 लाख के आसपास बना हुआ है। जैसे-जैसे आय, कर्ज और पारिवारिक जिम्मेदारियां बदलती हैं, ये आंकड़े रेखांकित करते हैं कि पॉलिसीधारकों को समय-समय पर अपने लाइफ कवर (जीवन बीमा राशि) की समीक्षा क्यों करनी चाहिए, ताकि यह उनकी बदलती जरूरतों के अनुकूल बना रहे।आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस में अंडरराइटिंग एंड रिटेल क्लेम्स के प्रमुख सारंग गोखले ने कहा, “जीवन बीमा एक सरल वादे पर आधारित है—परिवारों को उस समय वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराना, जब उन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत हो। वित्त वर्ष 2026 में हमने 5,149 करोड़ रुपये के मृत्यु दावों का निपटारा किया। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2026 में हमारा दावा निपटान अनुपात 99.3 प्रतिशत रहा। कंपनी स्तर पर जांच नहीं किए गए व्यक्तिगत दावों में अंतिम दस्तावेज प्राप्त होने की तारीख से औसत निपटान समय केवल 1.1 दिन रहा। यह हमारे ग्राहकों और उनके परिवारों से किए गए वादे को पूरा करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।हम दावों की प्रक्रिया को लगातार सरल बना रहे हैं और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं, ताकि परिवारों को बिना किसी देरी के आवश्यक सहायता मिल सके। हम अपने ग्राहकों को यह भी सलाह देते हैं कि वे नियमित रूप से अपने बीमा कवर की समीक्षा करें, ताकि यह उनके जीवन के बदलते चरणों और लक्ष्यों के अनुरूप बना रहे।”विशेष रूप से, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ ने पिछले कई वर्षों में लगातार उच्च क्लेम सेटलमेंट रेशियो दर्ज किया है और समय पर क्लेम का भुगतान करने के अपने वादे को निभाया है। अपने कवर की समीक्षा या सहायता के इच्छुक पॉलिसीधारक www.iciciprulife.com पर जा सकते हैं या कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। Average Individual Death Claim Value (₹ crore) CompaniesFY2021FY2022FY2023FY2024FY2025FY2026ICICI Prudential Life0.100.130.140.140.150.15Axis Max Life0.040.060.060.060.070.08HDFC Life0.060.100.080.080.100.11Bajaj Allianz Life0.030.040.040.040.060.07SBI Life0.040.050.050.050.060.06Bharti AXA Life0.060.070.070.070.080.07LIC0.020.020.020.020.020.02 Source: Table is based on publicly available information disclosed by respective scompanies in their public disclosures, IRDAI Annual Reports and Annual Reports.

परगट सिंह को मिली पंजाब कांग्रेस की कमान, वडिंग के इस्तीफे के बाद नियुक्ति।

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया है। वह अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की जगह लेंगे, जिन्होंने शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी कर चुके परगट सिंह पंजाब पुलिस में एसपी भी रहे हैं और चरणजीत सिंह चन्नी सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। कांग्रेस पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है और इसी बीच नेतृत्व में यह बदलाव में हुआ है। राजा वडिंग ने पद छोड़ने के बाद पंजाब के कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट पर अपनी विदाई के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया था। इसके कुछ ही घंटों बाद परगट सिंह को नया प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया गया। 62 वर्षीय परगट सिंह राजनीति में आने से पहले भारतीय हॉकी के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। वह तीन ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और दो ओलंपिक में भारतीय टीम की कप्तानी भी की। खेल के मैदान के बाद उन्होंने पंजाब पुलिस, हॉकी प्रशासन और राजनीति में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाई हैं।

नियम पहले क्यों नहीं देखे गए? सेवा समाप्ति के बाद ही क्यों खुली नियमों की किताब?

श्रुति भारद्वाज के कार्यकाल के दौरान उनके काम को लेकर कोई बड़ी चर्चा सामने नहीं आई, लेकिन सेवा समाप्ति के बाद उन्हें काम मिलने लगा तो अब नियम-कायदे और प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि उनके काम या जिम्मेदारियों को लेकर नियमों की समीक्षा जरूरी थी, तो इसकी जांच या पड़ताल पहले क्यों नहीं की गई? अब अचानक नियमों की किताब खंगाले जाने के पीछे वजह क्या है, इसे लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। गृह विभाग को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं और मांग की जा रही है कि नियमों की समीक्षा की जा रही है तो उसकी प्रक्रिया और आधार भी स्पष्ट किए जाएं। मामला अब सिर्फ नियमों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी सामने है कि नियमों को लेकर कार्रवाई या समीक्षा का समय अब क्यों आया और पहले इस दिशा में क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी। ऐसे में पूरे मामले में संबंधित विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने का इंतजार है।

एक पिता की गोद में उसकी 17 साल की हंसती-खेलती बेटी की बेजान देह… यह सोचकर ही रूह कांप जाती है।

​गणेश पंडाल में दर्शन करने गई एक होनहार छात्रा की जान सिर्फ इसलिए चली गई क्योंकि अचानक चालू हुए डीजे (DJ) के कानफोड़ू बेस और कंपन को उसका दिल सह नहीं पाया। ​क्या हमारी आस्था और उत्सव अब दूसरों की जान से बड़े हो गए हैं? कान के पर्दे फाड़ देने वाला शोर और छाती को झकझोर देने वाला तेज बेस कतई भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है। यह भक्ति नहीं, जानलेवा प्रदर्शन है। आज एक घर का चिराग बुझा है, कल कोई और परिवार इसका शिकार हो सकता है।​धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में सीमा से अधिक ध्वनि वाले डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो। हम सभी को भी आत्ममंथन करने की जरूरत है—त्योहार खुशियां बांटने के लिए होते हैं, मातम फैलाने के लिए नहीं।​दिवंगत बिटिया को भावभीनी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि।

सीकर में 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते निरीक्षक रंगे हाथ गिरफ्तारका, रखाना एवं बॉयलर्स निरीक्षण विभाग का इंस्पेक्टर मोहित शर्मा ACB के ट्रैप में पकड़ा

सीकर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार को सीकर में रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कारखाना एवं बॉयलर्स निरीक्षण विभाग के निरीक्षक मोहित शर्मा को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जयपुर ACB के अनुसार आरोपी निरीक्षक ने तारानगर स्थित श्रीराम टिम्बर एवं फर्निचर फैक्ट्री का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में चार पूर्तियोग्य कमियां बताई गई थीं। परिवादी द्वारा इन कमियों की पूर्ति करने के बाद भविष्य में अन्य कमियां नहीं निकालने की एवज में आरोपी द्वारा 20 से 30 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत के सत्यापन के दौरान 24 सितंबर को आरोपी ने 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी, जिसके बाद 25 हजार रुपए में लेने की सहमति बनी। इसके बाद ACB ने ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई। जयपुर नगर तृतीय ACB चौकी की टीम ने की कार्रवाई ACB उपमहानिरीक्षक पुलिस-द्वितीय जयपुर ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश नवल के नेतृत्व में टीम ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान मोहित शर्मा को परिवादी से 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। ACB अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा। ACB ने आमजन से भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1064 और व्हाट्सऐप हेल्पलाइन 94135-02834 पर 24 घंटे संपर्क करने की अपील की है। ACB ने यह भी बताया कि किसी व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण दर्ज होने पर वह सीधे ACB से संपर्क कर अपना पक्ष या स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकता है।

राठौड़ की पहल से खड़गे तक पहुंचे अजमेर के पार्षद,खड़गे ने अपने हाथों से खिलाई मिठाई

राजस्थान की सियासत में अनोखा सियासी संदेश—कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से सीधे पार्षदों की मुलाकात, अब सोमवार को ‘मिठाई की लाज’ रखने की चुनौती अजमेर। अजमेर नगर निगम के महापौर चुनाव से पहले कांग्रेस की सियासत में धर्मेंद्र राठौड की एक पहल ने नया राजनीतिक संदेश पैदा कर दिया है। राठौर कांग्रेस के पार्षदों और कांग्रेस के साथ खड़े निर्दलीय पार्षदों को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से सीधे मिलवाने में कामयाब रहे। मुलाकात के दौरान खड़गे ने पार्षदों को अपने हाथों से मिठाई खिलाई। अजमेर की सियासत में इस मुलाकात को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि राजनीतिक गलियारों में इसे ऐसे दुर्लभ अवसर के तौर पर देखा जा रहा है, जब अजमेर अथवा राजस्थान के निर्वाचित पार्षदों का दल सीधे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिला हो। इस मुलाकात को संभव कराने में धर्मेंद्र राठौड की भूमिका को लेकर कांग्रेस के भीतर खासा राजनीतिक चर्चा है। राठौड ने पार्षदों को खड़गे के दरबार तक पहुंचाया, खड़गे ने खिलाई मिठाई अजमेर नगर निगम के महापौर चुनाव में कांग्रेस के पास 37 पार्षद हैं। इसके अलावा कांग्रेस खेमे में निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का भी दावा किया जा रहा है। ऐसे समय में राठौर द्वारा पार्षदों को एकजुट रखते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने पेश करना अपने आप में एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। खड़गे के हाथ से मिठाई खाते कांग्रेस पार्षदों की तस्वीर अब अजमेर की राजनीतिक चर्चा में सबसे ज्यादा चर्चित तस्वीरों में शामिल हो गई है। अब सियासी सवाल यह है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के हाथ से खाई गई मिठाई की ‘लाज’ कांग्रेस के पार्षद सोमवार की वोटिंग में कितनी मजबूती से रखते हैं? बेंगलुरु से खड़गे तक—राठौर की रणनीति की अगली परीक्षा सोमवार को राठौर इससे पहले भी कांग्रेस पार्षदों और निर्दलीय पार्षदों को एकजुट रखने की कवायद के तहत उन्हें बेंगलुरु ले जाने की रणनीति अपना चुके हैं। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात और उनके हाथ से मिठाई खिलवाने के बाद कांग्रेस खेमे ने एकजुटता का सार्वजनिक संदेश भी दे दिया है। लेकिन अजमेर की राजनीति में असली परीक्षा अब सोमवार के मतदान में होगी। कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने पार्षदों को एकजुट रखने की है। दूसरी ओर भाजपा भी निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के जरिए बहुमत का आंकड़ा हासिल करने की कोशिश में है। ऐसे में 11 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका और दोनों खेमों की रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं। मिठाई की मिठास वोटिंग तक कायम रहती है या नहीं? राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा यही है कि धर्मेंद्र राठौर ने पार्षदों को राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तक पहुंचाकर जो राजनीतिक संदेश दिया है, उसका असर मतदान तक कितना कायम रहता है। खड़गे के हाथों से मिली मिठाई कांग्रेस के पार्षदों के लिए अब सिर्फ मिठास नहीं, बल्कि एक राजनीतिक ‘लाज’ का सवाल भी बन गई है। यदि कांग्रेस का खेमा पूरी तरह एकजुट रहता है तो यह मुलाकात राठौर की राजनीतिक रणनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखी जाएगी। वहीं यदि मतदान के दौरान गुटबाजी या क्रॉस वोटिंग जैसी स्थिति सामने आती है तो यही मुलाकात कांग्रेस के भीतर उठने वाले सवालों का कारण भी बन सकती है। अब अजमेर की सियासत में नजरें सोमवार की वोटिंग पर हैं—राठौर की बनाई एकजुटता कायम रहती है या अजमेर की पुरानी गुटीय सियासत फिर कोई नया मोड़ लेती है, इसका फैसला मतपेटी करेगी।

जयपुर: जोधपुर में वोटिंग के दौरान पथराव, कांग्रेस-बीजेपी समर्थक भिड़े, पुलिसकर्मी चोटिल

जयपुर: जोधपुर। नगर निगम चुनाव के दौरान जोधपुर के वार्ड 10 और 21 में मतदान के बीच उस समय हंगामा हो गया, जब कांग्रेस और भाजपा समर्थक आमने-सामने आ गए। वार्ड 10 के पाल बालाजी मंदिर के सामने दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि पथराव शुरू हो गया। इस दौरान एक भाजपा समर्थक की बोलेरो कैंपर में तोड़फोड़ की गई और उसके शीशे पत्थर मारकर फोड़ दिए गए। विवाद को शांत कराने पहुंची पुलिस के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। घटना में एक-दो पुलिस जवानों के चोट लगने की सूचना है। वहीं वार्ड 21 के खेमें का कुआं स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के बायां भाग मतदान केंद्र के बाहर फर्जी मतदान को लेकर हंगामा हो गया। आरोप है कि कुछ युवक स्कूल की ड्रेस पहनकर अंदर घुस गए, जिसे लेकर कांग्रेस और भाजपा समर्थक आमने-सामने आ गए। विवाद की सूचना पर पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता मौके पर पहुंचा और सभी समर्थकों को वहां से खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया। कैंपर गाड़ी में पथराव: दूसरी तरफ वार्ड 10 में पाल बालाजी मंदिर के सामने मतदान चल रहा था। इसी दौरान कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि कांग्रेस समर्थकों की ओर से भाजपा समर्थक की बोलेरो कैंपर को निशाना बनाया गया। वाहन पर पथराव करते हुए उसके कांच तोड़ दिए गए। पुलिस के जवान हुए घायल: अचानक हुए बवाल से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मतदान केंद्र के आसपास मौजूद लोगों में भी हड़कंप मच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को समझाने और अलग करने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की हो गई। बताया जा रहा है कि विवाद में बीच-बचाव करने पहुंचे एक-दो पुलिस जवानों को चोटें आई हैं। भारी पुलिस जाब्ता तैनात: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल अतिरिक्त जाब्ता मौके पर बुलाया। भारी पुलिस बल के पहुंचने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जवानों ने सख्ती दिखाई। पुलिस ने डंडे पटककर दोनों पक्षों के समर्थकों को मौके से खदेड़ा। इसके बाद क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई। डीसीपी मौके पर पहुंचे: घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने भी मौके का जायजा लिया। डीसीपी कमल शेखावत सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और जवान क्षेत्र में राउंड लेते रहे। पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है, ताकि दोबारा किसी तरह का विवाद न हो। पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है और विवाद की वास्तविक वजह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

जयपुर: राजस्थान लंपी स्किन डिजीज पर एक्शन में सरकार!

▪️पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीतारामजी भाले की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक। 🔹 प्रदेश के 10 जिले (मुख्यतः पूर्वी राजस्थान) लंपी से प्रभावित; सक्रिय मामले लगातार कम, अब तक 16 पशुओं की मौत।🔹 अप्रभावित जिलों पर विशेष फोकस, संक्रमण रोकने के सख्त निर्देश।🔹 घर-घर जाकर बीमार पशुओं के सर्वेक्षण के आदेश।🔹 पशु मेलों और पशु हाटों पर लगा प्रतिबंध, आवागमन पर रोक। 🔹 जिला/राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम और क्विक रिस्पॉन्स टीमें (QRT) गठित। 🔸पशुपालकों से अपील: लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें!