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ग्लोबल मार्केट में कदम बढ़ाएगा Jio, स्वदेशी टेलीकॉम टेक्नोलॉजी को दुनिया तक पहुंचाने की तैयारी

भारत में 53.3 करोड़ से अधिक ग्राहकों को सेवाएं देने वाला रिलायंस जियो अब अंतरराष्ट्रीय टेलीकॉम बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य अपनी स्वदेशी एंड-टू-एंड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी को विकसित और विकासशील देशों के टेलीकॉम ऑपरेटरों तक पहुंचाना है। जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन आकाश अंबानी के मुताबिक, कंपनी इस विस्तार के लिए स्थानीय कंपनियों के साथ साझेदारी और ‘मैनेज्ड सर्विसेज’ मॉडल पर काम करना चाहती है। इस रणनीति के तहत जियो दूसरे देशों में भारी निवेश करके पूरा नेटवर्क खड़ा करने के बजाय स्थानीय भागीदारों के साथ मिलकर अपनी तकनीक और सेवाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दे सकता है। इस पहल का उद्देश्य भारतीय टेलीकॉम तकनीक को वैश्विक पहचान दिलाना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कंपनी के कारोबार का विस्तार करना है। यदि योजना सफल रहती है, तो इससे जियो को नए बाजारों में अवसर मिल सकते हैं और भारतीय तकनीकी समाधानों की वैश्विक मौजूदगी बढ़ सकती है।

अक्षय कुमार बोले—‘हॉरर और कॉमेडी का मेल बहुत दिलचस्प’, ‘भूत बंगला’ में मिलेगा डर और हंसी का डबल डोज

बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार का कहना है कि हॉरर और कॉमेडी का मेल बेहद दिलचस्प होता है, क्योंकि इसमें दर्शकों को एक ही समय पर डर और हंसी का अलग-अलग अनुभव मिलता है। अपनी फिल्म ‘भूत बंगला’ के वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर के मौके पर अक्षय कुमार ने फैंटेसी फिल्मों की कहानियों, हॉरर-कॉमेडी के मनोरंजन और कॉमेडी में टाइमिंग की अहमियत पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि किसी भी फैंटेसी कहानी में कल्पना के साथ-साथ उसके पीछे कोई ठोस वजह और तर्क होना जरूरी है, ताकि दर्शक कहानी और किरदारों से जुड़ सकें। जिस तरह कॉमिक बुक्स में किसी किरदार की ताकत या उसके रूप में बदलाव के पीछे कोई कारण होता है, उसी तरह काल्पनिक दुनिया में दिखाई जाने वाली असाधारण घटनाओं और किरदारों की भी अपनी वजह होनी चाहिए। हॉरर-कॉमेडी की खासियत बताते हुए अक्षय ने कहा कि जब दर्शक किसी डरावने दृश्य को देखते हैं, तो उनके मन में तनाव और उत्सुकता पैदा होती है कि आगे क्या होने वाला है, लेकिन तभी अचानक कोई मजेदार पल सामने आता है और पूरा माहौल बदल जाता है। यही डर और हंसी का उतार-चढ़ाव इस शैली की फिल्मों को मनोरंजक बनाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कॉमेडी को जबरदस्ती कहानी में शामिल नहीं किया जा सकता, बल्कि वह परिस्थितियों और किरदारों की स्वाभाविक प्रतिक्रियाओं से निकलनी चाहिए। अपने अभिनय के अनुभव साझा करते हुए अक्षय ने बताया कि कॉमेडी में सही समय पर सही प्रतिक्रिया देना, आसपास की छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना और चेहरे के हावभाव का सटीक इस्तेमाल करना बेहद महत्वपूर्ण है। कई बार चेहरे का एक साधारण भाव या कुछ पल का ठहराव लंबे संवाद से भी ज्यादा हंसी पैदा कर सकता है। उनके अनुसार, कलाकार को अपने किरदार की परिस्थिति को पूरी गंभीरता से निभाना होता है, भले ही दर्शक उस दृश्य पर हंस रहे हों। ‘भूत बंगला’ में भी इसी सहजता के जरिए दर्शकों को कभी डराने और कभी हंसाने की कोशिश की गई है। अक्षय कुमार ने उम्मीद जताई कि फिल्म का टेलीविजन प्रीमियर दर्शकों और परिवारों को घर बैठे मनोरंजन का मौका देगा, जहां वे हॉरर, कॉमेडी और अप्रत्याशित घटनाओं से भरपूर इस अनुभव का आनंद ले सकेंगे।

चीनी की किल्लत के बीच सरकार का बड़ा फैसला, 2026-27 में चीनी से एथनॉल बनाने पर रहेगी रोक

चीनी की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर दबाव कम करने के उद्देश्य से सरकार ने एथनॉल उत्पादन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। जारी जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर 2026 से 31 अक्टूबर 2027 तक चीनी, गन्ने के रस, शुगर सिरप और B-Heavy मोलासेस से बनने वाले एथनॉल की तेल कंपनियां खरीद नहीं करेंगी। इस फैसले का उद्देश्य घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना है, ताकि आपूर्ति की स्थिति बेहतर बनी रहे और कीमतों पर दबाव कम करने में मदद मिल सके। हालांकि, एथनॉल उत्पादन के लिए वैकल्पिक स्रोतों का इस्तेमाल जारी रह सकेगा। मक्का, चावल और C-Heavy मोलासेस से उत्पादित एथनॉल की खरीद का रास्ता खुला रहेगा। इससे एथनॉल आपूर्ति के लिए अलग-अलग फीडस्टॉक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिल सकता है। वहीं, एथनॉल उद्योग से जुड़े संगठन AIDA ने ESY 2026-27 के एथनॉल टेंडर में सरकार के संतुलित रुख का स्वागत किया है। संगठन ने सभी फीडस्टॉक से एथनॉल उत्पादन को लगातार समर्थन देने की मांग भी उठाई है। अब इस फैसले के लागू होने के बाद चीनी उद्योग, गन्ना उत्पादकों और एथनॉल निर्माताओं पर इसके संभावित प्रभाव पर नजर रहेगी।

ज़ी सिनेमा पर इस रविवार कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे की रोमांटिक एंटरटेनर ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ का वर्ल्ड टीवी प्रीमियर, 18 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे

मुंबई, 16 अक्टूबर, 2026: एक संयोग भरी मुलाकात, अनपेक्षित प्यार और दिल की ख्वाहिशों व परिवार की जिम्मेदारियों के बीच एक मुश्किल फैसला। इन्हीं के इर्द गिर्द घूमती है ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ की कहानी। रोमांस, हँसी मज़ाक, पारिवारिक जज़्बातों और प्यार में पड़ने की खुशी से सजी यह फिल्म दिखाती है कि क्या दो लोग अपने परिवार की उम्मीदों और जिम्मेदारियों के बीच अपने रिश्ते को निभा पाते हैं। देखिए ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ का प्रीमियर, ज़ी सिनेमा पर, रविवार, 18 अक्टूबर, दोपहर 12 बजे।समीर विद्वांस के निर्देशन में बनी ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ में कार्तिक आर्यन रेहान ‘रे’ मेहरा के किरदार में हैं, जो अमेरिका में रहने वाला एक आत्मविश्वासी और बेफिक्र वेडिंग प्लानर है। वहीं, अनन्या पांडे रूमी वर्धन सिंह के किरदार में हैं, जो एक ऐसे प्यार की तलाश में है, जिसमें सच्चाई हो और रिश्ता दिल से जुड़ा हो। फिल्म की कहानी दो ऐसे लोगों की है, जिनकी सोच और व्यक्तित्व एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं, लेकिन फिर भी वो अनजाने में एक दूसरे की तरफ खिंचे चले आते हैं। हँसी-मज़ाक भरी नोकझोंक, दिल छू लेने वाले पल और अपने परिवारों से गहरे जुड़ाव के बीच उनका रिश्ता धीरे धीरे मजबूत होने लगता है। लेकिन, तभी उन्हें एक मुश्किल हकीकत का सामना करना पड़ता है। अपने परिवार के प्रति उनकी जिम्मेदारियाँ उन्हें साथ भविष्य बनाने से रोक सकते हैं।रोमांस, जज़्बातों और पारिवारिक ड्रामे से सजी यह फिल्म प्यार और फर्ज के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को सामने लाती है। यह सवाल भी उठाती है कि क्या रे और रूमी परिवार की उम्मीदों और ज़िंदगी में जरूरी समझौतों के बीच अपने रिश्ते को निभा पाएँगे? फिल्म में जैकी श्रॉफ, नीना गुप्ता और कई अन्य कलाकार भी अहम् सहायक भूमिकाओं में नज़र आएँगे।दिलकश अदाकारी, हल्की फुल्की कॉमेडी, खूबसूरत लोकेशन्स और परिवार के साथ बिताए दिल छू लेने वाले पलों से सजी ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ एक ऐसी एंटरटेनर है, जो प्यार, रिश्तों और हमारी ज़िंदगी को आकार देने वाले लोगों की अहमियत का जश्न मनाती है।देखना न भूलें ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ का टीवी प्रीमियर, रविवार, 18 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर।

विक्टोरियाज़ सीक्रेट का जयपुर में पहला स्टोर लॉन्च, पेसिफिक मॉल में मिलेगी ब्रांड की पूरी रेंज

जयपुर के ग्राहक अपने शहर में ही खरीद सकेंगे विक्टोरियाज़ सीक्रेट के प्रोडक्ट्स; पेसिफिक मॉल में पहला स्टोर लॉन्चअपैरल ग्रुप पहली बार जयपुर में लेकर आया विक्टोरियाज़ सीक्रेट की पूरी रेंज, फैशन शो कलेक्शन के साथ ब्रांड ने शहर में रखा कदमजयपुर, अक्टूबर, 2026: दुनिया भर में मशहूर लॉन्जरी, फैशन और ब्यूटी ब्रांड विक्टोरियाज़ सीक्रेट ने जयपुर के पेसिफिक मॉल में अपना पहला स्टोर लॉन्च किया है। यह भारत में ब्रांड का विस्तार करने की दिशा में अपैरल ग्रुप का एक और अहम् कदम है। इस स्टोर के माध्यम से जयपुर के ग्राहकों को पहली बार विक्टोरियाज़ सीक्रेट की पूरी रेंज एक ही जगह पर मिलेगी। इसके साथ ही भारत में ब्रांड के स्टोर्स की संख्या 20 हो गई है, जिनमें पूरी रेंज वाले 8 स्टोर्स शामिल हैं।करीब 3,560 वर्ग फुट में फैले इस स्टोर में इनरवियर, स्लीपवियर, लाउंजवियर, स्पोर्ट्सवियर, फाइन फ्रेगरेंस और बॉडी केयर प्रोडक्ट्स की बड़ी रेंज उपलब्ध है। यहाँ ब्रांड के खास लॉन्जरी कलेक्शन के साथ फैशन, लाइफस्टाइल और ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी मिलेंगे। कुल मिलाकर, जयपुर के ग्राहक अब एक ही स्टोर में ब्रांड की पूरी रेंज देख और खरीद सकेंगे।जयपुर में शुरुआत के साथ ही स्टोर में विक्टोरियाज़ सीक्रेट फैशन शो 2026 कलेक्शन भी पेश किया गया है। इस कलेक्शन में द सिग्नेचर कलेक्शन शामिल है, जिसमें खास डिजाइन, सैटिन के कपड़े और फैशन से जुड़े नए स्टाइल देखने को मिलेंगे। ये सभी स्टाइल विक्टोरियाज़ सीक्रेट के ग्लैमरस अंदाज को बखूबी पेश करते हैं।स्टोर में विक्टोरियाज़ सीक्रेट की ब्रा, पैंटी और स्लीपवियर के एक से बढ़कर एक कई कलेक्शन्स उपलब्ध हैं। इनमें वेरी सेक्सी, बॉडी बाय विक्टोरिया, ड्रीम एंजेल्स और द सिग्नेचर कलेक्शन शामिल हैं। इसके साथ, लाउंजवियर और स्पोर्ट्सवियर भी मिलेंगे। यहाँ हर दिन पहनने वाले कपड़ों से लेकर खास मौकों के लिए फैशनेबल कपड़ों तक, कई तरह के डिजाइन और स्टाइल उपलब्ध हैं।नए स्टोर में विक्टोरियाज़ सीक्रेट के ब्यूटी प्रोडक्ट्स की रेंज भी उपलब्ध है, जिसमें फाइन फ्रेगरेंस, सेंट, मिस्ट और बॉडी केयर प्रोडक्ट्स शामिल हैं। ब्रांड के लोकप्रिय वेरी सेक्सी और बॉम्बशेल कलेक्शन के साथ सेंट के शानदार विकल्प और ब्यूटी से जुड़े प्रोडक्ट्स भी यहाँ मिलेंगे।2026 फैशन शो कलेक्शन के साथ जयपुर में खुले इस स्टोर में ब्रांड के नए कलेक्शन के अलावा लॉन्जरी, फैशन और ब्यूटी की पूरी रेंज भी पेश की गई है। इस लॉन्च के साथ जयपुर के ग्राहकों को विक्टोरियाज़ सीक्रेट के नए कलेक्शन का अनुभव लेने का मौका मिलेगा। यह शुरुआत ऐसे समय में हुई है, जब ब्रांड का फैशन शो दुनिया भर में फैशन की दुनिया का खास आकर्षण बना हुआ है।जयपुर में स्टोर खुलने से भारत में विक्टोरियाज़ सीक्रेट के विस्तार को नई दिशा मिली है। इसके साथ ही ब्रांड ने पहली बार राजस्थान में अपनी रिटेल उपस्थिति दर्ज की है। अब जयपुर के ग्राहक विक्टोरियाज़ सीक्रेट के नए फैशन शो कलेक्शन के साथ लॉन्जरी, फैशन, लाइफस्टाइल, ब्यूटी और फ्रेगरेंस की रेंज भी एक ही जगह पर देख और खरीद सकेंगे।स्टोर का पता: विक्टोरियाज़ सीक्रेट, पेसिफिक मॉल जयपुर, यूजीएफ- 31/32/33, वार्ड 27, मानसरोवर सेक्टर 5, मानसरोवर, राजस्थान- 302016स्टोर का क्षेत्रफल: 3,560 वर्ग फुटसमय: सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक

भारत में एक्टिव हाउसिंग लोन का 68% हिस्सा किफायती (अफोर्डेबल) हाउसिंग लोन का है, जबकि किफायती हाउसिंग में नए क्रेडिट लेने वालों (न्यू टू क्रेडिट) की हिस्सेदारी 21% है: सीआरआईएफ क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेस

किफायती हाउसिंग लोन की कुल वैल्यू में अगस्त 2026 को खत्म हुए 12 महीनों में महिलाओं की हिस्सेदारी 31% रही, जो व्यापक क्रेडिट समावेश (फाइनेंशियल इन्क्लूज़न) में इस सेगमेंट की भूमिका को उजागर करता हैएचएफसीज़ (हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों) की स्थिति मजबूत हुई है; किफायती हाउसिंग पोर्टफोलियो में उनकी हिस्सेदारी पांच वर्षों में बढ़कर 31.4% हो गई हैप्रॉपर्टी-बैक्ड लेंडिंग (संपत्ति के बदले ऋण) में ‘माइक्रो एलएपी’ विकास के एक मजबूत इंजन के रूप में उभर रहा है जयपुर, अक्टूबर, 2026: किफायती हाउसिंग भारत के हाउसिंग फाइनेंस इकोसिस्टम का मुख्य आधार बनी हुई है; अगस्त 2026 तक एक्टिव हाउसिंग लोन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 68% थी। हालाँकि, प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतें और महँगे घरों की बढ़ती माँग हाउसिंग मार्केट का स्वरूप बदल रही हैं, फिर भी किफायती हाउसिंग देश भर में नए कर्जदारों को जोड़ने, वित्तीय समावेश और घर के मालिकाना हक को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।सीआरआईएफ क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड (जिसे पहले सीआरआईएफ हाई मार्क के नाम से जाना जाता था) की ‘अफोर्डेबल हाउसिंग लोन और माइक्रो एलएपी ट्रेंड्स रिपोर्ट’ के अनुसार, एएफएचएल सेगमेंट पहली बार कर्ज लेने वालों को औपचारिक क्रेडिट सिस्टम में ला रहा है, कम सेवा वाले ग्राहक समूहों के बीच क्रेडिट तक पहुँच बढ़ा रहा है और बड़े शहरी केंद्रों से परे विकास के अवसर उत्पन्न कर रहा है। रिपोर्ट में हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (एचएफसीज़) की बढ़ती भूमिका, पोर्टफोलियो के बेहतर प्रदर्शन और आने वाले वर्षों में किफायती हाउसिंग के विकास को बनाए रखने में उभरते बाजारों के बढ़ते महत्व पर भी प्रकाश डाला गया है।रिपोर्ट में माइक्रो एलएपी (प्रॉपर्टी के बदले लोन) सेगमेंट के बढ़ते महत्व पर भी जोर दिया गया है, जिसमें 25 लाख रुपए तक के प्रॉपर्टी लोन शामिल हैं। अगस्त 2026 तक, एक्टिव प्रॉपर्टी लोन में माइक्रो एलएपी की हिस्सेदारी 85.6% थी, जिसमें 83.1 लाख एक्टिव लोन के साथ 4.7 लाख करोड़ रुपए का बकाया पोर्टफोलियो शामिल है। इस सेगमेंट ने पिछले पांच वर्षों में लगभग 20% सीएजीआर (चक्रवृद्धि वार्षिक विकास दर) दर्ज की है। इसे हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (एचएफसीज़), एनबीएफसीज़ और स्मॉल फाइनेंस बैंकों की मजबूत भागीदारी का समर्थन मिला है, जो कम सेवा वाले कर्जदारों के लिए सुरक्षित क्रेडिट तक पहुँच बढ़ाने में इसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।मुख्य बातें:किफायती आवास (अफोर्डेबल हाउसिंग) भारत के हाउसिंग फाइनेंस मार्केट का मुख्य आधार बना हुआ है: अगस्त 2026 तक, कुल एक्टिव हाउसिंग लोन में किफायती हाउसिंग लोन की हिस्सेदारी लगभग 68% थी, जो उधार लेने वालों की संख्या के हिसाब से इसे सबसे बड़ा सेगमेंट बनाती है। पोर्टफोलियो आउटस्टैंडिंग में हिस्सेदारी थोड़ी कम होने के बावजूद, मार्केट में पैठ बनाने और नए ग्राहक जोड़ने के लिए यह सेगमेंट बहुत ज़रूरी है।विकास तेज़ी से उभरते और बाहरी (पेरिफेरल) मार्केट की ओर बढ़ रहा है: किफायती हाउसिंग पोर्टफोलियो का लगभग 79% हिस्सा टॉप-10 राज्यों में केंद्रित है, जहाँ विकास मुख्य रूप से टॉप-100 शहरों से बाहर के इलाकों से हो रहा है। इससे टियर II, टियर III और बाहरी मार्केट का महत्व पता चलता है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्य विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।किफायती आवास वित्तीय समावेशन (फाइनेंशियल इन्क्लूजन) को बढ़ावा देने वाले सबसे मज़बूत कारकों में से एक है: हर पाँच में से एक से ज़्यादा किफायती हाउसिंग लोन ऐसे लोगों को दिए गए हैं जिनका क्रेडिट इतिहास नहीं था (एनटीसी- न्यू-टू-क्रेडिट), जो बड़े हाउसिंग लोन की तुलना में काफी ज़्यादा अनुपात है। जहाँ किफायती हाउसिंग लोन (एएचएफएल) में एनटीसी कर्जदारों की संख्या 20-22% के दायरे में रही, वहीं इसी दौरान ‘न्यू-टू-प्रोडक्ट’ (एनटीपी) कर्जदारों की हिस्सेदारी लगभग 70% रही, जो इस सेगमेंट में प्रोडक्ट-स्तर पर मज़बूत विस्तार को दर्शाता है।लोन देने की मज़बूत रफ़्तार और लेंडर्स (ऋणदाता) की भागीदारी माइक्रो एलएपी के विकास को सहारा दे रही है: क्यू1 वित्त वर्ष 27 में माइक्रो एलएपी के तहत लगभग 32,000 करोड़ रुपए के लोन दिए गए (4.3 लाख अकाउंट्स में), और लोन देने की वैल्यू में साल-दर-साल 8.8% की बढ़ोतरी हुई। एचएफसीज़ मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं और अगस्त 2026 तक उनके पोर्टफोलियो आउटस्टैंडिंग में 21.1% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि स्मॉल फाइनेंस बैंकों ने छोटे बेस से तेज़ी से विस्तार किया, जो इस सेगमेंट में लेंडर्स के बढ़ते भरोसे को प्रदर्शित करता है।अगस्त 2026 में माइक्रो एलएपी पोर्टफोलियो के प्रदर्शन में सुधार हुआ, हालाँकि छोटे लोन में जोखिम अभी भी ज़्यादा है: ज़्यादातर माइक्रो एलएपी कैटेगरी में एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है, और एचएफसीज़ तथा एसएफबीज़ के प्रदर्शन में ज़्यादा सुधार देखा गया है। हालांकि, 10 लाख रुपए से कम के लोन पर बारीकी से नज़र रखने की ज़रूरत है। साथ ही, उधार लेने वालों के स्तर पर किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि गोल्ड लोन लेने वाले ग्राहकों (जो कुल कर्जदारों का 9% हैं) में लोन न चुका पाने (डेलिंक्वेंसी) की दर अपेक्षाकृत ज़्यादा है, जिससे जोखिम का गहराई से आकलन करने की अहमियत और बढ़ जाती है।हाउसिंग फाइनेंस कंपनियाँ (एचएफसीज़) ग्रोथ को आगे बढ़ाने में अहम् भूमिका निभा रही हैं: एचएफसीज़ ने अफोर्डेबल हाउसिंग पोर्टफोलियो में अपनी हिस्सेदारी अगस्त 2021 के 26.9% से बढ़ाकर अगस्त 2026 में 31.4% कर ली है। उनकी ग्रोथ तेज़ी से बढ़ रही है और वे पूरे इंडस्ट्री के मुकाबले आगे हैं, खासकर अफोर्डेबल और मिड-मार्केट हाउसिंग सेगमेंट में।पोर्टफोलियो के प्रदर्शन में सुधार के अच्छे संकेत दिख रहे हैं: पिछले एक साल में अफोर्डेबल हाउसिंग में एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है, खासकर लोन न चुका पाने (डेलिंक्वेंसी) वाली मुख्य कैटेगरीज़ में। प्रदर्शन में सुधार खास तौर पर 10-25 लाख रुपए वाली कैटेगरी में देखा गया है; अलग-अलग तरह के लेंडर्स की कैटेगरीज़ में जोखिम के पैमानों (रिस्क मेट्रिक्स) का आकलन करने पर इस कैटेगरी में ज़्यादा सुधार दिखा है।अफोर्डेबल हाउसिंग को लेकर इंडस्ट्री का नज़रिया काफ़ी सकारात्मक बना हुआ है, और सर्वे में शामिल लगभग 72% स्टेकहोल्डर्स का यही मानना है।किफायती घरों (अफोर्डेबल हाउसिंग) को लेकर इंडस्ट्री का नज़रिया काफ़ी सकारात्मक बना हुआ है; सर्वे में शामिल लगभग 72% लोगों का मानना है कि अगले एक से तीन सालों में यह सेक्टर बहुत ज़्यादा या काफ़ी हद तक उम्मीद जगाने वाला है। जहाँ एक तरफ़ किफायती घर लोगों के घर के मालिक बनने, वित्तीय समावेश

नई स्‍कोडा स्‍लेविया जो कहे सब कुछ- स्टाइल, दमदार खूबियों और आत्मविश्वास के साथ

स्‍कोडा ऑटो इंडिया ने नई स्‍लेविया की कीमतें घोषित कीं, जो 9.99 लाख रुपये से शुरू होती हैं (भारत में एक्स-शोरूम कीमतें) मुंबई, अक्टूबर 2026: स्‍कोडा ऑटो इंडिया ने नई स्‍लेविया की कीमतों की घोषणा कर दी है और इसकी डिलीवरी अगले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। सेडान जो कहे सब कुछ वाली नई स्‍लेविया में और भी निखरा हुआ यूरोपीय डिज़ाइन, दमदार और रोमांचक प्रदर्शन, स्मार्ट तकनीक, बेहतर आराम और भरोसेमंद सुरक्षा, सब कुछ एक शानदार पैकेज में मिलता है। भारत के लिए विशेष रूप से तैयार एमक्‍यूबी-ए0-आईएन प्लेटफॉर्म पर निर्मित यह कार लॉन्च के समय छह वेरिएंट- क्‍लासिक, क्‍लासिक+, सिग्नेचर, स्‍पोर्टलाइन, प्रेस्‍टीज़ और मोन्‍टे कॉर्लो में उपलब्ध होगी। 1.0 टीएसआई इंजन के साथ छह-स्पीड मैनुअल या बिल्कुल नया आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स मिलता है, जबकि 1.5 टीएसआई इंजन को सात-स्पीड डीएसजी गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है। स्‍कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड निदेशक आशीष गुप्ता ने कहा, “स्‍लेविया ने हमेशा से ही उन खूबियों को एक साथ पेश किया है, जिन्हें ग्राहक एक सेडान में सबसे अधिक महत्व देते हैं- सदाबहार डिज़ाइन, शानदार ड्राइविंग अनुभव, आराम, सुरक्षा और बेहतरीन इंजीनियरिंग। नई स्‍लेविया इन्हीं खूबियों को और आगे ले जाती है, जिसमें पहले से अधिक आकर्षक डिज़ाइन, स्मार्ट तकनीक और बिल्कुल नया आठ-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स शामिल है। यह वाकई जो कहे सबकुछ है, क्योंकि यह बिना किसी समझौते के सेडान का एक संपूर्ण अनुभव देती है- आकांक्षाओं को पूरा करने वाली, फिर भी सहज रूप से सुलभ; ड्राइव करने में आनंददायक, फिर भी आरामदायक; और ग्राहकों की नई पीढ़ी की जरूरतों के अनुरूप।” ऐसा प्रदर्शन, जो कहे सब कुछनई स्‍लेविया अपने भरोसेमंद 1.0 टीएसआई और 1.5 टीएसआई इंजन विकल्पों को बरकरार रखती है। 1.0 टीएसआई इंजन के साथ छह-स्पीड मैनुअल या अपने सेगमेंट का बिल्कुल नया पहला आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया गया है। अधिक शक्तिशाली 1.5 टीएसआई इंजन के साथ सात-स्पीड डीएसजी और बेहतर ब्रेकिंग भरोसे के लिए पीछे डिस्क ब्रेक दिए गए हैं। ऐसी डिज़ाइन, जो कहे सबकुछनई स्‍लेविया अपने यूरोपीय डिज़ाइन को और निखारती है। इसमें बिल्कुल नई एलईडी हेडलाइट्स और टेललाइट्स, क्रमिक रूप से जलने वाले पीछे के दिशा-सूचक, क्षैतिज क्रोम ग्रिल पट्टी, आगे और पीछे के हिस्से में संशोधित डिज़ाइन तथा नए अलॉय व्हील दिए गए हैं। मोन्‍टे कॉर्लो में विशेष बैजिंग, लाल रंग के आकर्षक उभार और काले बाहरी हिस्से इसे एक खास अंदाज़ देते हैं। पहले से उपलब्ध आठ रंगों के साथ अब आर्कटिक सिल्‍वर और कैपुचिनो बीज़ नए रंगों के रूप में शामिल किए गए हैं। कैपुचिनो बीज़ रंग वाली कारों की डिलीवरी दिसंबर 2026 से शुरू होगी। ऐसा आराम और तकनीक, जो कहे सबकुछसेगमेंट में पहली बार दी गई पीछे की सीटों के लिए मसाज सुविधा पीछे बैठने वाले यात्रियों के आराम को एक नई ऊँचाई देती है। 360-डिग्री एरिया व्यू कैमरा और आगे-पीछे के पार्किंग सेंसर के साथ पार्क पायलट पार्किंग और धीमी गति से वाहन चलाने के दौरान होने वाली गतिविधियों को आसान बनाते हैं। वहीं, ऊपरी वेरिएंट में दिया गया बड़ा 26.03 सेमी डिजिटल कॉकपिट अधिक स्पष्ट जानकारी और ज्यादा बेहतर डिजिटल अनुभव प्रदान करता है। एआई-सक्षम तकनीक, जो कहे सब कुछ25.6 सेमी टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम में नया इंटरफेस और अगली पीढ़ी की डिजिटल संरचना दी गई है, साथ ही वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और ऐपल कारप्ले की सुविधा भी मिलती है। गूगल क्लाउड के ऑटोमोटिव एआई एजेंट से संचालित इसका वॉइस असिस्टेंट वाहन में जेमिनी की सुविधा लाता है, जो संदर्भ के अनुसार सहायता, वास्तविक समय की जानकारी और संगीत, कॉल तथा तापमान नियंत्रण को बिना हाथ लगाए संचालित करने की सुविधा देता है। इसे भारतीय अंग्रेज़ी के अलग-अलग उच्चारणों को पहचानने के लिए भी तैयार किया गया है। ऐसी सुरक्षा, जो कहे सब कुछनई स्‍लेविया वयस्कों और बच्चों की सुरक्षा के लिए अपनी 5-स्टार ग्लोबल एनकैप रेटिंग को बरकरार रखती है। इसमें छह एयरबैग सहित 25 से अधिक सक्रिय और निष्क्रिय सुरक्षा सुविधाएँ मानक रूप से दी गई हैं, जबकि ऊपरी वेरिएंट में इनकी संख्या 40 से अधिक हो जाती है। क्‍लासिक+ से आगे के वेरिएंट में पीछे का शीशा साफ करने वाला उपकरण, बारिश की बूंदों को पहचानने वाले वाइपर, एलईडी फॉग लैंप, अपने आप कम चमक वाला अंदरूनी रियर-व्यू मिरर और चकाचौंध कम करने वाले बाहरी रियर-व्यू मिरर दिए गए हैं, जो दृश्यता और ड्राइविंग के भरोसे को और बेहतर बनाते हैं। ऐसा भरोसा, जो कहे सब कुछस्‍कोडा सूपर केयर के तहत मानक रूप से 4 साल या 1,00,000 किलोमीटर की वारंटी, 4 साल की रोडसाइड सहायता और 2 साल या 30,000 किलोमीटर तक चार फ्री लेबर सर्विसेज़ मिलती हैं। वारंटी को बढ़ाकर 6 साल तक किया जा सकता है। इसके अलावा, सभी वेरिएंट पर 6 साल की जंग-रोधी वारंटी और 3 साल की पेंट वारंटी भी दी जाती है। ऐसी रेंज, जो कहे सब कुछछह वेरिएंट- क्‍लासिक, क्‍लासिक+, सिग्नेचर, स्‍पोर्टलाइन, प्रेस्‍टीज़ और मोन्‍टे कॉर्लो ग्राहकों को अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार स्‍लेविया चुनने की पूरी आज़ादी देते हैं। बेहतरीन सुविधाओं से लैस क्‍लासिक से लेकर फीचर्स से भरपूर प्रेस्‍टीज़ और ज्यादा स्पोर्टी मोन्‍टे कॉर्लो तक, हर वेरिएंट डिज़ाइन, आराम, तकनीक, प्रदर्शन, सुरक्षा और कीमत के बीच सोच-समझकर तैयार किए गए संतुलन के साथ जो कहे सबकुछ के वादे को साकार करता है। New SlaviaPrice INR (Ex- Showroom)1.0 TSI MT1.0 TSI AT1.5 TSI DSGClassic₹ 9,99,900 Classic+₹ 10,99,000₹ 12,49,000 Signature₹ 13,94,000₹ 14,94,000 Sportline₹ 14,34,000₹ 15,34,000 Prestige₹ 15,89,000₹ 16,89,000₹ 18,59,000Monte Carlo ₹ 17,29,000₹ 18,84,000

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का ग्रीस दौरा

मुख्य सचिव कल से 16 अक्टूबर तक रहेंगे ग्रीस दौरे पर,मुख्य सचिव आज शाम जयपुर से दिल्ली के लिए होंगे रवाना, दिल्ली से जाएंगे ग्रीस, एथेंस में 12 से 16 अक्टूबर तक आयोजित IASIA-2026 की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में होंगे शामिल,IIAS अध्यक्ष के तौर पर कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे वी. श्रीनिवास,“बदलती दुनिया के लिए शासन व्यवस्था पर नए सिरे से विचार”कॉन्फ्रेंस की थीम, सुशासन, प्रशासनिक सुधार, बदलती चुनौतियों के अनुरूप शासन व्यवस्था विकसित करने पर होगा मंथन,डिजिटल बदलाव, जलवायु संबंधी चुनौतियों, जन अपेक्षाओं जैसे विषयों पर भी होगी चर्चा,कॉन्फ्रेंस में विभिन्न सत्रों और बैठकों में शामिल होंगे मुख्य सचिव,16 अक्टूबर को ग्रीस से दिल्ली के लिए रवाना होंगे मुख्य सचिव।

अकासा एयर ने बढ़ती ATF (विमान ईंधन) कीमतों के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर नया फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है, जो 9 अक्टूबर से नई बुकिंग पर प्रभावी है। कंपनी ने मिडिल ईस्ट के भू-राजनीतिक तनाव को इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह बताया है।

दूरी के अनुसार घरेलू सरचार्ज: अंतरराष्ट्रीय रूट्स:

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के अनुसार, दुनिया के कुल भोजन का 75% हिस्सा केवल 12 प्रकार के पौधों और 5 प्रकार के पशुओं से आता है। [1]

हजारों खाने योग्य प्रजातियों के बावजूद, इंसानी आहार का इन कुछ ही स्रोतों पर निर्भर होना खाद्य विविधता और सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती है। [1]