ईरान से बढ़ते खतरे के बीच अमेरिका अलर्ट, मिडिल ईस्ट के 11 देशों में नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
अमेरिका ने पश्चिम एशिया में बढ़ते सुरक्षा तनाव के बीच अपने नागरिकों के लिए 11 देशों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। 18-19 अक्टूबर 2026 को जारी चेतावनियों में संभावित हमलों, हवाई क्षेत्र बंद होने, उड़ानें रद्द होने और यात्रा में बाधा आने की आशंका जताई गई है। अमेरिकी चेतावनी इजरायल, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, बहरीन, कुवैत, इराक, जॉर्डन, लेबनान, ओमान, यमन और ईरान से जुड़े क्षेत्रों में लागू है। अमेरिकी मिशनों ने नागरिकों को सतर्क रहने, स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और यात्रा से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका को ईरान और उसके समर्थक समूहों से अमेरिकी हितों को निशाना बनाए जाने का खतरा है। इसके साथ ही यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों और सऊदी अरब में सुरक्षा स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई है। अमेरिकी चेतावनी में क्षेत्रीय संघर्ष के तेजी से फैलने की आशंका का उल्लेख किया गया है। हालांकि, सुरक्षा अलर्ट जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि किसी बड़े सैन्य हमले की पुष्टि हो गई है। फिलहाल अमेरिका ने संभावित खतरे को देखते हुए अपने नागरिकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और अचानक होने वाले यात्रा बदलावों के लिए तैयार रहने को कहा है।
नवरात्रि में तीन बड़े हादसों से मचा कोहराम, कोलकाता, ग्वालियर और तेलंगाना में 35 लोगों की मौत का दावा
नवरात्रि के पावन पर्व के बीच कोलकाता, ग्वालियर और तेलंगाना से दर्दनाक हादसों की खबर सामने आई है। इन घटनाओं ने उत्सव के माहौल को मातम में बदल दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तीनों घटनाओं में कुल 35 लोगों की मौत होने का दावा किया गया है। कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की जान जाने की बात कही गई है। वहीं, ग्वालियर में श्रद्धालुओं को एक ट्रक ने कुचल दिया, जिससे दर्दनाक हादसा हुआ। इसके अलावा, तेलंगाना में डांडिया कार्यक्रम के दौरान लाइटिंग ट्रस गिरने से एक छात्रा की मौत की खबर है। नवरात्रि के दौरान धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और अस्थायी ढांचों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
यूपी में अखिलेश यादव की बढ़ेंगी मुश्किलें? मुस्लिम वोट बैंक पर ओवैसी की नजर, सपा पर लगाए गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम वोट बैंक को लेकर सियासी हलचल तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी अब यूपी में मुस्लिम बहुल इलाकों में जनसंपर्क और सभाओं के जरिए अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके निशाने पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव हैं। ओवैसी का आरोप है कि समाजवादी पार्टी को मुसलमानों के वोट तो चाहिए, लेकिन उनकी समस्याओं और परेशानियों से उसे कोई खास मतलब नहीं है। वह दावा कर रहे हैं कि जब मुस्लिम युवाओं को जेल भेजा जाता है, तब अखिलेश यादव आवाज नहीं उठाते, जबकि यादव समुदाय से जुड़े किसी व्यक्ति के जेल जाने पर सपा सक्रिय हो जाती है। ओवैसी के इन बयानों को यूपी में मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी लंबे समय से यादव और मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन को अपनी चुनावी ताकत मानती रही है। ऐसे में एआईएमआईएम की सक्रियता विपक्षी गठबंधन के लिए नई राजनीतिक चुनौती बन सकती है। हालांकि, ओवैसी के आरोपों और उनके राजनीतिक प्रभाव का वास्तविक असर आगामी चुनावों में ही स्पष्ट होगा। फिलहाल यूपी की सियासत में मुस्लिम वोट बैंक को लेकर बयानबाजी तेज होने के आसार हैं और सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि मुस्लिम मतदाताओं का रुझान किस ओर जाता है।
न्यायपालिका पर टिप्पणी का मामला, संजय राउत और निखिल वागले को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत और पत्रकार निखिल वागले को आपराधिक अवमानना मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 16 अक्टूबर 2026 को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने इस मामले में सुनवाई की। मामला न्यायपालिका और मुख्य न्यायाधीश से जुड़ी टिप्पणियों को लेकर उठे विवाद से संबंधित है। निखिल वागले ने 15 अक्टूबर को अपनी विवादित सोशल मीडिया पोस्ट हटाने और मुख्य न्यायाधीश तथा सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगने की बात कही थी। उन्होंने अपनी पोस्ट को भावनात्मक प्रतिक्रिया बताते हुए स्वीकार किया कि उन्हें ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। संजय राउत ने न्यायाधीशों के राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होने और मुख्यमंत्रियों के साथ भोजन करने का उल्लेख करते हुए विपक्षी नेताओं से मुलाकात नहीं किए जाने पर सवाल उठाए थे। इन टिप्पणियों को लेकर न्यायपालिका की गरिमा और आपराधिक अवमानना के पहलू पर विवाद खड़ा हुआ। भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने 15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को दोनों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए सहमति दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने ऐसी टिप्पणियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और उम्मीद जताई कि संबंधित लोग अपनी भाषा और बयानों को लेकर गंभीरता से विचार करेंगे। दोनों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने से छूट दी गई। संजय राउत ने भी कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट उनकी टिप्पणियों को अनुचित मानता है, तो वे माफी मांगने के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और शिवसेना के नाम एवं चुनाव चिह्न से जुड़े विवाद में न्याय की मांग दोहराई। इस मामले में आगे की सुनवाई होनी है। कारण बताओ नोटिस जारी होना अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है। अदालत दोनों पक्षों का पक्ष सुनने और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद आगे का निर्णय लेगी।
इसी महीने संसद का विशेष सत्र? परिसीमन और महिला आरक्षण पर बड़ा फैसला संभव!
नई दिल्ली। संसद के विशेष सत्र को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि सरकार इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुला सकती है। संभावित एजेंडे में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक शामिल हो सकते हैं। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के संकेतों के बाद इस संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं।सूत्रों के मुताबिक, सरकार को इन विधेयकों को पारित कराने के लिए जरूरी संख्या बल जुटने का भरोसा है। इसी सिलसिले में कुछ सहयोगी दलों और छोटे विपक्षी दलों से भी बातचीत किए जाने की खबर है। हालांकि, विशेष सत्र की तारीखों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में परिसीमन और महिला आरक्षण के क्रियान्वयन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में आवश्यक बहुमत नहीं मिल पाया था। ऐसे में सरकार की नई कोशिश पर राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं।
नेहा बोरा के बांग्लादेश के Gen-Z आंदोलन वाले बयान पर सियासी घमासान, भाजपा ने साधा विपक्ष पर निशाना
नई दिल्ली। नेहा बोरा का 14 अक्टूबर को बांग्लादेश के Gen-Z आंदोलन को लेकर दिया गया बयान राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है। बांग्लादेश में युवाओं के आंदोलन की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा था कि वहां के युवाओं ने भारत के नौजवानों को रास्ता दिखाया है। उनके इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसकी निंदा की।भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में भी सत्ता परिवर्तन की मंशा रखता है। इस मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का मतलब अराजकता फैलाना या संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना नहीं है।नेहा बोरा के बयान के बाद देश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। यह मुद्दा अब लोकतंत्र, युवा आंदोलनों और विपक्ष की राजनीतिक रणनीति को लेकर नई बहस का केंद्र बनता नजर आ रहा है
पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने बनाई नई पार्टी ‘जन नीति भारत’, 2027 में मीरजापुर सदर से लड़ेंगी चुनाव
उत्तर प्रदेश की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में कदम रखते हुए ‘जन नीति भारत’ नाम से नई राजनीतिक पार्टी बनाई है। दी गई जानकारी के अनुसार, वह वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मीरजापुर की सदर सीट से चुनाव लड़ेंगी। प्रशासनिक सेवा के बाद राजनीति में उनकी एंट्री से क्षेत्र की सियासत में उनकी आगामी भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो सकती है। अब उनकी पार्टी के एजेंडे, नीतियों और चुनावी तैयारियों पर नजर रहेगी। पार्टी गठन और चुनाव लड़ने की घोषणा से संबंधित आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
पाकिस्तान-रूस की बढ़ती नजदीकियां! प्रत्यर्पण संधि और सुरक्षा सहयोग पर बनी सहमति, भारत की बढ़ सकती है चिंता
पाकिस्तान और रूस ने प्रत्यर्पण संधि को अंतिम रूप देने तथा संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी सहमति बनी है। यह घटनाक्रम रूस के गृहमंत्री व्लादिमीर कोलोकोल्त्सेव के पाकिस्तान दौरे के दौरान सामने आया। बताया जा रहा है कि वह पाकिस्तान का दौरा करने वाले रूस के पहले गृहमंत्री हैं। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक संबंधों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, भारत पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
बारां में गोविन्द सिंह डोटासरा की तबीयत बिगड़ी, टीकाराम जूली और प्रमोद जैन भाया निजी अस्पताल लेकर रवाना
बारां में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा की तबीयत बिगड़ने की सूचना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस नेता प्रमोद जैन भाया उन्हें निजी अस्पताल लेकर जा रहे हैं। डोटासरा आज भवानीमंडी और बारां में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलनों में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई। फिलहाल उनकी स्वास्थ्य स्थिति और तबीयत बिगड़ने के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। सभी की नजरें अब उनके स्वास्थ्य से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर टिकी हैं।
राष्ट्रपति ने 6 राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति की
ओम माथुर को केरलम का राज्यपाल बनाया,दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया,राजेंद्र आर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल बनाया,ब्रजमोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल बनाया,डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल बनाया,डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल बनाया