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न परिसीमन, ना ही एफसीआरए बील अभी संसद सत्र में पेश नहीं करने के संकेत?

केंन्द में सत्तारूढ़ – विपक्ष के बीच गतिरोध पैदा करने वाले चर्चित बील महिला आरक्षण के साथ लोकसभा – विधानसभाओ क्षेत्रों का परिसीमन करने वाला तथा विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक एफसीआरए बील केन्द्रीय सरकार द्वारा मौजूदा संसद के मानसून सत्र में पेश नहीं करने के संकेत मिले हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में बोलने तथा एफसीआरए ओर महिला आरक्षण के साथ परिसीमन करने वाले दोनों बील को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन से संसद के दोनों सदनों लोकसभा – राज्यसभा में अभी तक सुचारू रूप से कार्यवाही नहीं चल रही है। अब भाजपा एवं केन्द्र सरकार के वरिष्ठ विश्वनीय सूत्रों मुताबिक 13 अगस्त तक कार्यसूची मुताबिक मौजूदा संसद के मानसून सत्र को चलाने में शैष बचे तीन दिनों में केन्द्र सरकार दोनों चर्चित बीलो को मौजूदा संसद के मानसून सत्र में पेश नहीं करने का मानस- योजना बनाने के संकेत दिए है

राजस्थान के रहने वाले ट्रेनी IPS राहुल बंसल फंसे, जानें क्यों मिला CBI कोर्ट से नोटिस

ट्रेनिंग में ही 1 करोड़ की रिश्वत छत्तीसगढ़ के सरगुजा में पोस्टेड जयपुर निवासी ट्रेनी IPS राहुल बंसल पर साइबर अपराध मामले में हवाला के जरिए 01 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा है। दिल्ली की सीबीआई अदालत ने मामले पर संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ डीजीपी को एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। जयपुर : छत्तीसगढ़ में पोस्टेड राजस्थान के आईपीएस राहुल बंसल एक करोड रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में काफी चर्चा में है। खास बात यह है कि यह आरोप उन पर ट्रेनिंग के दौरान ही लगा है। बंसल पर आरोप है कि दो किस्तों में 50-50 लाख रुपए की रिश्वत हवाला के माध्यम से ली थी। अब इस मामले में उन पर कानून का शिकंजा कसता हुआ दिखाई दे रहा है। इस मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने नोटिस टेकन रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। ट्रेनी आईपीएस राहुल बंसल के खिलाफ इस कार्रवाई से अब आईपीएस लॉबी में काफी चर्चा हो रही है। जयपुर के रहने वाले हैं, आईपीएस राहुल बंसल :छत्तीसगढ़ में एक करोड रुपए की घूस के मामले में सुर्खियों में आए, ट्रेनी आईपीएस राहुल बंसल मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं, जहां राजधानी जयपुर में उनका जन्म 26 जून 1994 को हुआ। राहुल बंसल 2022 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने वर्ष 2021 में यूपीएससी एग्जाम क्रैक किया और 377 वी रैंक हासिल की। इसके बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित किया गया। राहुल बंसल इस समय प्रशिक्षण अवधि में है और वर्तमान में सरगुजा जिले में पोस्टेड हैं। एक करोड रुपए की रिश्वत का क्या है पूरा मामला: बता दें कि यह पूरा मामला ट्रेनिंग आईपीएस राहुल बंसल के इर्द-गिर्द हैं। जहां उन पर एक करोड रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगा है। आरोप है कि मई 2026 में राहुल बंसल ने हवाला के माध्यम से 50 50 लाख रुपए की दो किस्तों में रिश्वत ली। इस खेल में सरगुजा के साइबर थाने में पोस्टेड दो सब इंस्पेक्टर पर भी आरोप लगा हैं। इस मामले में व्हाट्सएप कॉल की रिकॉर्डिंग के जरिए रिश्वत प्रकरण का खुलासा हुआ है। जिसमें शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर सीबीआई में यह मामला दर्ज किया। गया। अब इस मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने छत्तीसगढ़ के डीजीपी को नोटिस जारी करते हुए एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।

विदेश में नौकरी का सुनहरा सपना कहीं साइबर गुलामी का जाल न बन जाए

विदेश में नौकरी का सुनहरा सपना कहीं साइबर गुलामी का जाल न बन जाए राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी: आकर्षक विदेशी जॉब ऑफर के नाम पर युवाओं को बंधक बनाकर कराई जा रही ऑनलाइन ठगी से रहें सावधान जयपुर, 11 अगस्त। विदेश में आकर्षक नौकरी और मोटी तनख्वाह का सपना देखने वाले युवाओं को अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह अब साइबर स्लेवरी यानी डिजिटल गुलामी के जाल में फंसा रहे हैं। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने एडवाइजरी जारी कर युवाओं और उनके परिजनों को ऐसे फर्जी जॉब ऑफर्स से सावधान रहने की अपील की है।अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री वीके सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्कैम सिंडिकेट बेरोजगार एवं महत्वाकांक्षी युवाओं को कंबोडिया, म्यांमार, लाओस, थाईलैंड सहित दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में आकर्षक वेतन, मुफ्त आवास और अन्य सुविधाओं का लालच देकर विदेश ले जाते हैं। वहां पहुंचने के बाद उनके पासपोर्ट और दस्तावेज छीनकर उन्हें बंधक बनाया जा सकता है तथा जबरन ऑनलाइन ठगी के काम में लगाया जाता है। सोशल मीडिया से शुरू होता है ठगी का जालएडीजी श्री सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर डेटा एंट्री ऑपरेटर, कस्टमर सपोर्ट, आईटी जॉब, होटल वेटर और वर्क फ्रॉम होम जैसी नौकरियों के आकर्षक विज्ञापन प्रसारित करते हैं। कई बार समाचार पत्रों में भी ऐसे विज्ञापन दिए जाते हैं।युवाओं को बिना पर्याप्त जांच के नौकरी का भरोसा दिलाकर वैध रोजगार वीजा के बजाय टूरिस्ट वीजा पर विदेश भेज दिया जाता है। गंतव्य देश पहुंचते ही एजेंट या गिरोह के सदस्य पासपोर्ट और मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले सकते हैं।जबरन कराई जाती है ऑनलाइन ठगीपासपोर्ट जब्त करने के बाद पीड़ितों को ऑनलाइन ठगी के लिए मजबूर किया जाता है। इनमें मेट्रोमोनियल फ्रॉड, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, क्रिप्टो फ्रॉड और सोशल मीडिया स्कैम जैसी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने पर पीड़ितों को धमकाने और प्रताड़ित करने के साथ भारत में मौजूद उनके परिजनों से फिरौती मांगने की आशंका भी रहती है।विदेश जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यानराजस्थान पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि विदेश में नौकरी के लिए जाने से पहले रिक्रूटमेंट एजेंसी की वैधता की जांच अवश्य करें। हमेशा वैध एम्प्लॉयमेंट वीजा पर ही विदेश जाएं और टूरिस्ट वीजा पर नौकरी करने के लिए विदेश न जाएं।पासपोर्ट, वीजा और कॉन्ट्रैक्ट लेटर जैसे जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी अपने परिवार के पास सुरक्षित रखें तथा जिस देश में जा रहे हैं, वहां स्थित भारतीय दूतावास का संपर्क नंबर अपने पास जरूर रखें।इन गलतियों से बचें° गैर-पंजीकृत एजेंट को नौकरी के नाम पर एडवांस पैसे न दें।° सोशल मीडिया या अखबार में प्रकाशित अज्ञात जॉब विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।° बिना इंटरव्यू या स्किल टेस्ट के बहुत अधिक वेतन का ऑफर देने वाली नौकरी से सावधान रहें।° अनजान व्यक्ति को अपना मूल पासपोर्ट अथवा अन्य मूल दस्तावेज न सौंपें।फंस जाएं तो तुरंत सहायता लेंयदि कोई व्यक्ति या उसका परिचित साइबर स्लेवरी अथवा जॉब फ्रॉड का शिकार हो जाता है तो राजस्थान पुलिस ने संबंधित भारतीय दूतावास/विदेश मंत्रालय से संपर्क करने की सलाह दी है। साथ ही MADAD Portal https://www.madad.gov.in के माध्यम से भी सहायता ली जा सकती है।श्री सिंह ने बताया कि साइबर अपराध की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना, साइबर पुलिस स्टेशन, साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in या हेल्पलाइन 1930 पर दें। एडवाइजरी में साइबर हेल्पडेस्क के लिए 9256001930 एवं 9257510100 नंबर भी दिए गए हैं।

निकाय चुनाव आचार संहिता पर लेटेस्ट अपडेट

19 अगस्त को लग सकती निकाय चुनावों की आचार संहिताचुनावी प्रक्रिया से पहले आरक्षण की लॉटरी का सिलसिला होगा शुरू 13 अगस्त को महापौर, सभापति और चेयरमैन पदों के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी17 अगस्त को नगरीय निकायों के पार्षद वार्डों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी इसी दिन जिला प्रमुख और पंचायत समिति सदस्यों से संबंधित आरक्षण प्रक्रिया भी होगी पूरी18 अगस्त को सरपंच और वार्ड पंचों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगीयानी इसके बाद 19 अगस्त को आचार संहिता लागू होने की संभावना।

सन्तूर मॉम्स क्लब की दूसरी मीट-अप में महिलाओं ने मनाया दोस्ती और खुशियों का जश्न

उदयपुर । सन्तूर मॉम्स क्लब चैप्टर-2 की दूसरी मीट-अप मेपल रेजीडेंसी में उत्साह और उमंग के साथ आयोजित हुई। कार्यक्रम की थीम ‘रेड’ रखी गई, जिसमें क्लब की सदस्याएं लाल रंग के आकर्षक परिधानों में शामिल हुईं। महिलाओं ने आपसी मेलजोल, मनोरंजक गतिविधियों और खेलों के साथ शाम को यादगार बनाया। कार्यक्रम की मेजबानी शाइन ब्यूटी स्टूडियो की संस्थापक वांशिका वीरवानी ने की। उन्होंने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए उन्हें ब्यूटी प्रोडक्ट्स और फ्रेंडशिप बैंड उपहार में दिए। वांशिका ने अपने स्टूडियो में उपलब्ध विभिन्न ब्यूटी सर्विसेज की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी, इंगेजमेंट और ब्राइडल मेकअप सहित विभिन्न सेवाएं किफायती दरों पर उपलब्ध हैं। क्लब की सदस्यों के लिए सेवाओं पर 30 प्रतिशत विशेष छूट भी दी जा रही है। क्लब की संस्थापक सुनीता सिंघवी ने महिलाओं से जीवन में किसी भी परिस्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले रुककर सोचने और परिस्थिति को समझने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कई बार जल्दबाजी में दिया गया जवाब रिश्तों और परिस्थितियों को जटिल बना सकता है। थोड़ा ठहराव व्यक्ति को सही निर्णय लेने का अवसर देता है। इस दौरान महिलाओं के लिए विभिन्न मनोरंजक खेल और गतिविधियां आयोजित की गईं। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने हंसी-खुशी के साथ एक-दूसरे के साथ समय बिताया और आपसी जुड़ाव को मजबूत किया। मीट-अप में लाल रंग की थीम, खेल, उपहार और दोस्ती के खुशनुमा माहौल ने आयोजन को खास बना दिया। सन्तूर मॉम्स क्लब महिलाओं को आपस में जोड़ने, प्रतिभाओं को मंच देने और मिलकर खुशियां मनाने का मंच बन रहा है।

हर घर तिरंगा अभियान के तहत गजपुर में निकली भव्य तिरंगा यात्रा

औलादर मंडल। हर घर तिरंगा अभियान के तहत आज औलादर मंडल के गजपुर गांव में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का नेतृत्व मंडल अध्यक्ष बबर सिंह खरवड़ ने किया। तिरंगा यात्रा में देशभक्ति के नारों के साथ ग्रामीणों एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भाजपा जिला उपाध्यक्ष बबर सिंह चदाणा, मंडल महामंत्री चंद्रकांत आमेटा, खुम सिंह बल्ला, कालिंजर सरपंच शंकर गुर्जर, देवी लाल रेबारी,लक्ष्मण लाल दर्जी, पंचायत समिति सदस्य रमेश गमेती,राय सिंह, श्रवण लोहार, भगवत सिंह बारिण्ड, कालू सिंह बड़गुल्ला, गजपुर सरपंच किशन लाल गमेती, मण्डल उपाध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह झाला सहित गांव के गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। तिरंगा यात्रा के दौरान “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से पूरा वातावरण देशभक्ति से ओत-प्रोत हो गया। उपस्थित लोगों ने हर घर तिरंगा अभियान के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, एकता और देश के प्रति सम्मान का संदेश दिया।

इंदौर में पश्चिमी क्षेत्रीय पुलिस समन्वय समिति की बैठक, DGP राजीव कुमार शर्मा ने रखा राजस्थान पुलिस का विजन

जयपुर, 7 अगस्त। मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 13वीं वेस्टर्न रीजनल पुलिस कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में राजस्थान के महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने भाग लिया। बैठक में मध्यप्रदेश, गोवा सहित पश्चिमी क्षेत्र के विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर व्यापक मंथन किया। बैठक में राजस्थान पुलिस की ओर से महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के साथ अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कानून एवं व्यवस्था) वी.के. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक के.बी. वंदना तथा चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह भी शामिल हुए। अधिकारियों ने अंतरराज्यीय समन्वय, साइबर अपराध रोकथाम और आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। साइबर अपराध, गुमशुदा बच्चे और नारकोटिक्स पर विशेष चर्चा बैठक के दौरान बड़े धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था, गुमशुदा बच्चों की खोज के नवाचार, साइबर अपराध के नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति, आपराधिक न्याय प्रणाली में आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा नारकोटिक्स नियंत्रण जैसे अहम विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं। विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बेहतर समन्वय पर जोर दिया। राजस्थान पुलिस के नवाचारों की सराहना महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने बैठक में राजस्थान पुलिस द्वारा साइबर अपराध नियंत्रण, तकनीक आधारित पुलिसिंग, कानून-व्यवस्था प्रबंधन और अंतरराज्यीय समन्वय के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ राज्यों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान और आधुनिक तकनीक का उपयोग भविष्य की चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाएगा। साझा रणनीति और भविष्य की कार्ययोजना पर सहमति बैठक में अंतरराज्यीय अपराधों, संगठित अपराध, साइबर अपराध के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई, खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और पुलिस बलों के बीच सहयोग को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही विभिन्न राज्यों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा कर उन्हें व्यापक स्तर पर लागू करने पर सहमति बनी। समापन सत्र में पश्चिमी क्षेत्र में पुलिस समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने, साझा कार्ययोजना तैयार करने तथा आगामी समन्वय बैठक के आयोजन को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।

बाड़मेर एसीबी की बड़ी कार्रवाई: ग्राम विकास अधिकारी सपना 4,500 रुपये की रिश्वत लेते ट्रैप

बाड़मेर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की बाड़मेर टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जुनाखेड़ा की ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) सपना को 4,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया। जानकारी के अनुसार, एसीबी निरीक्षक देवाराम ने अपनी टीम के साथ यह कार्रवाई की। आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत आवास की जियो टैगिंग करने के बदले परिवादी से 4,500 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत की राशि लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बाड़मेर एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार के निर्देशन में की गई। ट्रैप के बाद एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

खाकी पर भारी पड़ा घरेलू तनाव: भीलवाड़ा में थाना प्रभारी ने खुद को मारी गोली, गंभीर हालत में उदयपुर रेफर

भीलवाड़ा। भीलवाड़ा जिले के सदर थाना प्रभारी लोकपाल सिंह राठौड़ (38) ने मंगलवार को अपने निजी आवास पर सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना उस समय हुई जब वे ड्यूटी पर गश्त के लिए निकलने की तैयारी कर रहे थे और पुलिस वर्दी में थे। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें गंभीर हालत में तत्काल महात्मा गांधी अस्पताल (एमजीएच) ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें उदयपुर रेफर कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी मंगलवार सुबह से ही मानसिक तनाव और अवसाद में थे। घटना के समय उनका साला भी घर पर मौजूद था। जैसे ही वह घर से बाहर निकला, लोकपाल सिंह ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से कनपटी पर गोली चला दी। कुछ दिन पहले उनके पिता भी उनसे मिलने आए थे और सोमवार को ही अपने गांव लौटे थे। सूत्रों के मुताबिक, मामला पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से जुड़ा हो सकता है। लोकपाल सिंह मूल रूप से विजयनगर क्षेत्र के बरल गांव के निवासी हैं और कुछ माह पहले ही उनकी दूसरी शादी हुई थी। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की वजहों की गहन जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक सागर राणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश आर्य, सीओ सदर नेमीचंद चौधरी, सीओ सिटी सज्जन सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे। एफएसएल और एमओबी की टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए तथा सर्विस रिवॉल्वर को जब्त कर लिया है। यह घटना पुलिस महकमे में बढ़ते मानसिक दबाव और पारिवारिक तनाव की ओर भी इशारा करती है। इससे पहले भी भीलवाड़ा पुलिस अपने दो सहायक उप निरीक्षकों महावीर सिंह और विष्णु पद को खो चुकी है। वहीं शाहपुरा थाने के एक जवान ने भी हाल ही में आत्महत्या का प्रयास किया था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह वर्षों में विभिन्न कारणों से करीब 75 पुलिसकर्मी नौकरी छोड़ चुके हैं। एसपी सागर राणा ने बताया, “सदर थाना प्रभारी लोकपाल सिंह के निजी आवास पर गोली लगने से हेड इंजरी का मामला सामने आया है। गोली लगने के कारणों की जांच की जा रही है। उनकी हालत गंभीर है और बेहतर उपचार के लिए उदयपुर रेफर किया गया है।”